मुरादाबाद : मुख्य रूप से भ्रष्टाचार के खिलाफ 2005 में एक अधिनियम लागू किया गया, जिसे सुचना का अधिकार यानी RTI कहा गया। इसके अंतर्गत कोई भी नागरिक किसी भी सरकारी विभाग से कोई भी जानकारी ले सकता है। बस शर्त यह है कि RTI के तहत पूछी जाने वाली जानकारी तथ्यों पर आधारित होनी चाहिए। सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के अंतर्गत आवेदन पत्र तथा प्रथम अपीलों को ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त कर निस्तारित करने हेतु शासन द्वारा वेबसाइट http://rtionline.up.gov.in को विकसित किया गया है।
मुरादाबाद के नगर मजिस्ट्रेट किंशुक श्रीवास्तव ने बताया की इस पोर्टल पर कार्य करने हेतु विभिन्न स्तरों के कार्यालयों में नामित जन सूचना अधिकारियों को यूजर आईडी और पासवर्ड उपलब्ध कराए जा रहे हैं। भविष्य में जन सूचना के लिए आवेदन एवं प्रथम अपील करने के लिए इस वेब पोर्टल का प्रयोग किया जा सकता है. लोक प्राधिकरण के नियंत्रण वाली सूचनाओं तक नागरिकों की पहुंच सुनिश्चित करने तथा लोक प्राधिकरणों की कार्य प्रणाली में पारदर्शिता लाने एवं सूचना के प्रवाह को व्यवहारिक बनाए रखने के उद्देश्य से सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 पूरे देश में प्रभावी है।
सरकार के सभी विभाग, मंत्रालय और सार्वजनिक संस्थानों में लोक सूचना अधिकारी की नियुक्ति की जाती है। सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 6 के मुताबिक आप केंद्र सरकार या राज्य सरकार के जिस विभाग या सार्वजनिक संस्थान की जानकारी हासिल करना चाहते हैं, तो आपको उस विभाग के लोक सूचना अधिकारी या फिर सहायक लोक सूचना अधिकारी को आवेदन करना होगा।