Lakhimpur Kheri: 90 के दशक के मशहूर गायक अल्ताफ राजा को उनके हिट गाने ‘तुम तो ठहरे परदेसी’ के लिए जाना जाता है। यह आइकॉनिक गाना आज भी बेहद लोकप्रिय है। लखीमपुर का ऐतिहासिक दशहरा मेला इस वर्ष भी पारंपरिक रूप से नगर पालिका द्वारा आयोजित किया जा रहा है। 28 अक्टूबर को लखीमपुर रामलीला में संगीत सम्मेलन का आयोजन होना है, जिसमें अपनी आवाज का जलवा बिखरने के लिए पहुंच रहे हैं अल्ताफ राजा। इस दिन बहुत से सांस्कृतिक कार्यक्रमों और प्रदर्शनी का आयोजन नगर पालिका द्वारा किया जाता है।
अल्ताफ़ राजा ने साल 1997 में आई अपनी पहली एल्बम ‘तुम तो ठहरे परदेसी’ से पहचान बनाई थी. अल्ताफ़ राजा ने ‘दिल लगाना’, ‘झोलू राम’, ‘तुमसे कितना’ जैसे कई गाने गाए थे। उनकी आवाज के लोग आज भी दीवाने हैं। इसी वजह से लखीमपुर रामलीला मैदान पर उन्हें सुनने के लिए 28 अक्टूबर को दूर-दराज से लोग आ रहे हैं। उनके गाने बसों और कारों में अक्सर बजते रहते थे और श्रोताओं को बेहद पसंद आते थे।