बरेली: आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने शब-ए-बारात के मौके पर जारी बयान में नौजवानों को हुड़दंगबाज़ी और शोर-शराबे से बचने की हिदायत दी है। उन्होंने कहा कि शब-ए-बारात 13 फरवरी को मनाई जाएगी, जो एक पवित्र और बरकत वाली रात है। इस रात को लोगों को खास तौर पर खुदा की इबादत करनी चाहिए, कुरान शरीफ पढ़ना चाहिए और गुनाहों से तौबा करनी चाहिए।
उन्होंने बताया, इस रात को अपने साल भर के गुनाहों से छुटकारा पाने के लिए खुदा की बारगाह में माफी मांगें और नए सिरे से अच्छे काम करने का संकल्प लें। इस रात खुदा अपने बंदों के गुनाहों को माफ करता है और नए सिरे से उनके कर्म लिखे जाते हैं। मौलाना ने लोगों से अपने कारोबार और परिवार की तरक्की के साथ-साथ देश में खुशहाली और अमन-शांति के लिए भी दुआ करने का आग्रह किया।
मौलाना ने अपने बयान में मुस्लिम नौजवानों को विशेष तौर पर हिदायत देते हुए कहा कि शब-ए-बारात की रात में अक्सर नौजवान मोटरसाइकिलों के जुलूस निकालते हैं, रात भर सड़कों पर धूमते हैं और चाय के होटलों पर गपशप करते हैं। ये सभी काम शरीयत की नजर में गुनाह हैं और इनसे बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह की हरकतें न केवल गलत हैं बल्कि कानूनी तौर पर भी जुर्म हैं और जान को जोखिम में डालने वाली हैं।
मौलाना ने आगे कहा कि शब-ए-बारात की रात में अक्सर यह देखा गया है कि एक मोटरसाइकिल पर चार-चार नौजवान सवार होकर सड़कों पर तेज रफ्तार से रेस लगाते हैं, जिससे कई तरह के खतरे पैदा होते हैं। उन्होंने नौजवानों से अपील की कि वे इस तरह की हुड़दंगबाज़ी, शोर-शराबा, हंगामा और स्टंटबाज़ी से बचें। उन्होंने कहा कि ये सभी काम नाजायज़ हैं और इनसे दूर रहना चाहिए।
मौलाना ने अपने बयान में यह भी कहा कि शब-ए-बारात की रात को पवित्रता और इबादत के साथ मनाना चाहिए। इस रात को गुनाहों से तौबा करने और खुदा की रहमत पाने का सबसे अच्छा मौका होता है। उन्होंने नौजवानों से आग्रह किया कि वे इस रात को इबादत और दुआ में बिताएं ताकि वे अपने गुनाहों से मुक्ति पा सकें और नए सिरे से अच्छे काम करने का संकल्प ले सकें।