SC on NEET-UG Exam 2024: नीट पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने मामले में आज यानी मंगलवार को सुनवाई करते हुए राष्ट्रीय पात्रता व प्रवेश परीक्षा रद्द करने से इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसे एहसास है कि मौजूदा साल के लिए नए सिरे से NEET-UG का निर्देश देना गंभीर परिणामों से भरा होगा, जिसका असर इस परीक्षा में शामिल होने वाले 24 लाख से ज़्यादा छात्रों पर पड़ेगा।
वहीं फैसला पढ़ने के दौरान सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि केंद्र सरकार, NTA ने अपनी बातें रखीं। CBI के एडिशनल डायरेक्टर ने भी कोर्ट की सहायता की। सीजेआई ने कहा कि यह मामला बड़ी संख्या में छात्रों को प्रभावित करने वाला है। अपने आदेश में सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि दागी छात्रों को बाकी छात्रों से अलग किया जा सकता है। यदि जांच में लाभार्थियों की संख्या में वृद्धि का पता चलता है तो काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद किसी भी स्तर पर ऐसे किसी भी छात्र के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
प्रधान ने फैसले को बताया सत्य की जीत
कोर्ट के आये इस फैसले का केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने स्वागत करते हुए कहा सत्यमेव जयते, सत्य के जीत हुई है। केंद्र सरकार कहती रही है कि बड़े पैमाने पर पेपर लीक नहीं हुआ है। अब सुप्रीम कोर्ट ने इसे सही ठहराया है। वहीं आगे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि जब NEET का मामला जब से सामने आया है आज सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद विपक्ष की भूमिका स्पष्ट हो गई। कल तक लोकसभा के विपक्ष के नेता ने जो रवैया अपनाया था… उनकी मानसिक स्थिति का पता चलता है। इसकी आलोचना करते हुए राहुल गांधी ने भारत की आलोचना की है। देश के छात्रों को गुमराह करना, भ्रम पैदा करना और उन्हें सामाजिक तनाव के लिए उकसाना, ये सब उनकी राजनीति का सुनियोजित हिस्सा था।
वहीं आगे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि देश में चुनावी नतीजों को नकार कर अराजकता और नागरिक अशांति उनकी रणनीति का हिस्सा बन गई है। मैं उनसे और विपक्ष के सभी लोगों से अपील करता हूं कि जो इस तरह के गैरजिम्मेदाराना कामों में शामिल थे – उन्हें देश के छात्रों, युवाओं और अभिभावकों से माफी मांगनी चाहिए…
जानें कोर्ट ने क्या कहा
दरअसल बड़ी संख्या में छात्र और कुछ नीट-यूजी की परीक्षा लीक का आरोप लगाकर दोबारा कराने की मांग की जा रही थ। उन लोगों ने इसमें कई अनियमितताओं का आरोप लगाया था। यहां तक कि पेपर लीक का भी आरोप लगा। बताया गया कि इसमें कई खामियां हैं। नीट-यूजी परीक्षा 571 शहरों के 4750 केंद्रों के अलावा 14 विदेशी शहरों में भी आयोजित की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, Re-NEET यानी दोबारा परीक्षा नहीं होगी, इसमें काफी ज्यादा खर्च आएगा।