लखनऊ। उत्तर प्रदेश सचिवालय पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्य तथा – सचिवालय संघ के पूर्व सचिव ओंकार नाथ तिवारी एवं कोषाध्यक्ष गोपी कृष्ण श्रीवास्तव ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि उत्तर प्रदेश सचिवालय कोआपरेटिव बैंक के लेनदेन पर 2018 से रोक लगाकर भारतीय रिजर्व बैंक ने संस्था को बंदी की कगार – पर पहुँचा दिया है। इस कारण श्रृण वितरण की कार्यवाही रुक जाने से बैंक की आय पूरी तरह बन्द हो गई है। इसके साथ ही सैकड़ों सेवानिवृत सचिवालय कर्मचारियों की शेयर मनी उन्हें वापस नहीं मिल पा रही है।
इस सम्बंध में आला अफसरों से पेंशनर्स एसोसिएशन लगातार गुजार लगा रही है लेकिन कोई सुनवाई नही हो रही है। पेंशनर्स एसोसिएशन जल्द ही इस सम्बंध में मुख्यमंत्री से मुलाकात करेगा। श्री तिवारी ने बताया कि सचिवालय के पेंशनरों ने कई बार बोर्ड के अध्यक्ष से मिलकर शेयर मनी वापस करने की माँग की किन्तु अभी तक बोर्ड द्वारा कोई सकारात्मक निर्णय न लिए जाने से पेशनरों में आक्रोश व्याप्त है।
पेंशनरों द्वारा मुख्यमंत्री का ध्यानाकर्षण कराने हेतु किसी भी दिन प्रदर्शन किये जाने की सम्भावना है। बताते चलें कि इस संबंध में सचिवालय पेंशनर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी – मुख्यमंत्री के विशेष सचिव, प्रमुख सचिव, सहकारिता एवं सचिवालय प्रशासन विभाग एवं मुख्यमंत्री के सलाहकार से मिलकर अनुरोध कर चुके हैं।
मुख्य सचिव, निबंधक, सहकारिता एवं अन्य संबंधित से भी लिखित में प्रकरण में सहयोग की मांग कर चुका है। उन्होने बताया कि बैंक की वर्तमान स्थिति को देखते हुए रिजर्व बैंक द्वारा किसी अन्य बैंक के साथ विलय करने अथवा इसे क्रेडिट सोसाइटी में परिवर्तित करने की सलाह देते हुए बोर्ड से प्रस्ताव की भी अपेक्षा की गई है। किन्तु बोर्ड द्वारा कोई निर्णय न लेने से बैंक के शीघ्र बन्द होने की सम्भावना बढती जा रही है। श्री तिवारी ने मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की माँग की है।