लखनऊ: पीजीआई इलाके में अरावली एन्क्लेव की 10वीं मंजिल से संदिग्ध हालात में गिरकर प्रीती की मौत हो गई थी। घटना के बाद गोमतीनगर के विशेषखंड के रहने वाले रिटायर्ड जज शारदा प्रसाद ने दामाद के खिलाफ केस हत्या का केस दर्ज कराया था। गोमतीनगर के विशेषखंड निवासी शारदा प्रसाद तिवारी ने डीजीपी से मुलाकात कर मामले की विवेचना एसआईटी अथवा किसी दूसरी शाखा से कराने का अनुरोध किया था।
संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध ने सोमवार को पीजीआई थाने से मामले की विवेचना स्थानांतरित कर दी। पुलिस उपायुक्त अपराध के पर्यवेक्षण में अब इसकी विवेचना की जाएगी। इससे पहले पीजीआई पुलिस ने पीएनबी में लॉ अफसर आरोपी रवींद्र कुमार द्विवेदी को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। विवेचना के दौरान पुलिस ने हत्या की धारा हटाई थी।
प्रीती की शादी नवंबर 2012 में रवींद्र से हुई थी। प्रीती पीजीआई के वृंदावन स्थित अरावली एनक्लेव अपार्टमेंट की चौथी मंजिल पर बने फ्लैट नंबर 404 में रह रही थी। घटना के बाद पिता ने 80 लाख के लोन का जिक्र किया था। जिसके लिए पति रवींद्र कुमार द्विवेदी प्रीती को प्रताड़ित करता था। प्रीति के पिता ने दामाद पर हत्या का आरोप लगाया था।