Jhansi News: झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में शिशु वार्ड (एसएनसीयू) में शुक्रवार रात भीषण आग लग गई। जिसमें झुलसकर 10 नवजात बच्चों की मौत हो गई। चाइल्ड वार्ड की खिड़की तोड़कर 10 शवों को निकाला गया। देर रात तक रेस्क्यू ऑपरेशन चला। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर दमकल की 6 गाड़ियां पहुंची। आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है।
हादसे के छह घंटे बाद शनिवार सुबह 5 बजे डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक झांसी मेडिकल कॉलेज पहुंचे। मीडिया से डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बात की। ब्रजेश पाठक ने कहा- बहुत दुखद घटना है। वहां मौजूद लोगों ने बताया है कि ऑक्सीजन कंसंट्रेटर में स्पार्किंग होने के कारण आग लगी है। एक स्टाफ का पैर झुलस गया है।
उन्होंने कहा, जिन बच्चों की शिनाख्त नहीं होगी, उनका डीएनए टेस्ट कराएंगे। बचे बच्चों को सही चिकित्सा उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। आग किन कारणों से लगी? कैसी लगी? किसकी लापरवाही से लगी? इसकी जांच चल रही है। जांच रिपोर्ट मिलते ही लापरवाहों पर कार्रवाई करेंगे।

इस पर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए: डिप्टी सीएम
अखिलेश यादव के ट्वीट के सवाल पर पाठक ने कहा कि इस पर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए। अभी 17 बच्चों का इलाज चल रहा है। चार प्राइवेट अस्पताल भेजे गए, तीन बच्चे दूसरे हॉस्पिटल भेजे गए हैं। एक ललितपुर अपने घर गया है। एक बच्चा मऊरानीपुर गया है। छह बच्चे अपनी मां के साथ घर गए हैं। 10 बच्चों की मौत हो गई।
10 बच्चों में 7 बच्चों की हो गई शिनाख्त
उन्होंने बताया, 7 बच्चों की शिनाख्त हो गई है। तीन की शिनाख्त नहीं हो सकी है। छह परिजनों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। उनके फोन बंद हैं। ब्रजेश पाठक ने कहा- वार्ड में कुल 49 बच्चे थे। वार्ड ब्वाय ने फायर फाइटिंग के जो सिलेंडर लगे थे, उनको खोलकर चलाया। लेकिन, ऑक्सीजन की वजह से आग तेजी से भड़क गई। स्टाफ और परिजनों ने साथ मिलकर बच्चों का रेस्क्यू किया, उन्हें बचाया।
सीएम ने 12 घंटे में मांगी जांच रिपोर्ट
वहीं इस घटना पर सीएम योगी ने दुख प्रकट करते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। सीएम के निर्देश के बाद एक जांच समिति गठित की है। कमिश्नर और डीआईजी मेडिकल कॉलेज अग्निकांड की जांच करेंगे। सीएम योगी ने जांच रिपोर्ट 12 घंटे में मांगी है।
CMS बोले- 54 बच्चे भर्ती थे
झांसी के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) सचिन माहोर ने कहा- NICU वार्ड में 54 बच्चे भर्ती थे, अचानक से ऑक्सीजन कंसंट्रेटर में आग लग गई। यह वार्ड हाई ऑक्सीजेनेट होता है। जैसे ही आग लगी, यह पूरे कमरे में फैल गई। 10 बच्चों की अभी तक मौत हुई है। बाकी बच्चों का इलाज चल रहा है।
अभी तक 10 बच्चों की मौत की सूचना
डीएम अविनाश कुमार ने अस्पताल पहुंचकर स्टाफ से बात की। इसके बाद वह मीडिया से मिले। उन्होंने बताया कि यहां बच्चों के दो वार्ड हैं। एक यूनिट अंदर की तरफ है, दूसरी बाहर की तरफ। अंदर वाली यूनिट में क्रिटिकल कंडीशन वाले बच्चों को रखा जाता है। कई बच्चों का सकुशल रेस्क्यू किया गया है। गंभीर रूप से घायल बच्चों का इलाज किया जा रहा है। अभी तक 10 बच्चों की मौत की सूचना है।