हरदोई। स्वास्थ्य विभाग व जिम्मेदारों के संरक्षण में जिले के कई अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर पीसी-पीएनडीटी एक्ट के अंतर्गत सरकार द्वारा तय किए गए मानकों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। पंजीकृत रेडियोलॉजिस्ट/सोनोलॉजिस्ट की जगह अवैध रूप से दूसरे लोगों द्वारा मरीजों के फर्जी अल्ट्रासाउंड किए जा रहे हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी आशा बहुओं/झोलाछाप डॉक्टरों व अवैध अस्पतालों के सहारे मरीजों को सेंटर्स तक लाया जाता है जिसमें आशा व डॉ० के साथ-साथ सेंटर संचालक का भी कमीशन जुड़ा होता है। सरकारी अस्पतालों/सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की कु-व्यवस्था के चलते मरीजों को भी प्राइवेट अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालकों द्वारा शोषित होने को मजबूर होना पड़ता है।
स्वास्थ्य विभाग के संरक्षण और पीसीपीएनडीटी के नोडल अधिकारी के शिथिल पर्यवेक्षण के चलते ऐसे अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालकों के हौंसले बुलंद हैं और वो पीएनडीटी मानकों की जमकर धज्जियां उड़ा रहे हैं।