हमारे देश को ज़्यदा खतरा.. हमारे ही देश के अंदर के लोगों से है… दरअसल मै कल अपनी फ़िल्म के फाइनेंस के लिए मीटिंग मे गया था.. फाइनेंसर और प्रोडूसर को मेरा फ़िल्म प्रोजेक्ट बहुत पसंद आया.. प्रेजेंटेशन देख कर उन्होंने खूब ताली मारी, उसके बाद उन्होंने देश के मुद्दे पर बात की…फिर उन्होंने हमारे पड़ोसी मुल्क की तारीफ करने लगे.. हमारी भरतीय सेना का सरकार का और pm का मजाक उडाने लगे..
और अंत मे कहा अगर आपको फाइनेंस चाहिए, तो अपनी स्क्रिप्ट मे हमारे अनुसार लिखिए,, मै बहुत मुश्किल से बर्दास्त कर रहा था, एक विनम्र व्यक्ति की तरह, फिर बर्दास्त से बाहर हो गया, और मैंने अपना नयंत्रण खो बैठा.. देश से बढ़ कर कुछ नहीं ये मेरी मातृ भूमि है.. ऐसा लगा जैसे किसी ने मेरी माँ को गाली दिए जा रहा है.. फिर मैंने उसे अपशब्द कहा और बता दिया मै एक भारतीय हुँ.. वहाँ से बिना उनकी कुछ सुने निकल गया…
ऐसे लोग आपको भी मिलेंगे बिलकुल समझौता मत करना.. इस देश मे जन्म लेना सौभाग्य है, जिस देश हमें सब कुछ दिया उसका भी क़र्ज़ है हमारे ऊपर..