उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के 16 फर्जी शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया गया है। वे सभी शिक्षक जुलाई 2024 में नियुक्त हुए थे और फर्जी प्रमाणपत्रों के माध्यम से नौकरियां प्राप्त की थीं। बीएसए सीतापुर की इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। सीतापुर में 16 फर्जी शिक्षकों को बर्खास्त किया गया। भर्ती में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी मिली थी। शिक्षा विभाग में फर्जीवाड़े की जानकारी से हड़कंप मचा।
सीतापुर फर्जी प्राइमरी टीचर बर्खास्त
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में ईमानदार और तेजतर्रार अधिकारियों को नई-नई जिम्मेदारी दी जा रही है। वहीं भ्रष्टाचार में लिप्त और फर्जीवाड़ा करने वाले अधिकारियों के खिलाफ नजीर पेश करने वाली कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में यूपी के सीतापुर जिले में बड़े स्तर पर फर्जी शिक्षकों पर बड़ी कार्रवाई कर दी गई है। करीब 16 फर्जी बेसिक शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया गया है। ये सभी शिक्षक जुलाई 2024 में नियुक्त हुए थे। फर्जीवाड़ा करने वाले शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है। बीएसए सीतापुर की इस कार्रवाई से पूरेसूबे में हड़कंप मच गया है।
जिन प्राइमरी शिक्षिकों पर बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई है। उसमें बबलू यादव महोली के बगचन प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक थे। जबकि रंजना प्रा.वि शाहपुर और अभिषेक कुमार प्रा.वि. जमुनहां में शिक्षक थे। इसी तरह विनोद कुमार बिसवां के बन्नीराय प्रा.वि, मनोज कुमार प्रा.वि बन्नी खरैला, अरविंद कुमार प्रा.वि चौखड़िया, गोपाल सिंह प्रा.वि ततरोई, और जीतेंद्र कुमार प्रा.वि ढखिया कला में पढ़ाते थे। वहीं राहुल कुमार प्रा.वि बांसी, अकबर शाह प्रा.वि फखरपुर, प्रदीप कुमार यादव प्रा.वि ईश्वरवाराय और प्रमोद कुमार प्रा.वि अमावां में शिक्षक थे।
नोटिस का भी जवाब नहीं दिया
इसके अलावा भूपेंद्र सिंह प्रा.वि अमिरिती, सुनील कुमार प्रा.वि बिलरिया और ओमवीर सिंह प्रा.वि बिचपरी में शिक्षक पद पर तैनात थे। इन सभी शिक्षकों की सेवा समाप्त कर दी गई है। जानकारी के मुताबिक, इन सभी शिक्षकों के द्वारा किये गए फर्जीवाड़े की जानकारी मिलने के बाद सभी शिक्षकों को नोटिस जारी कर अपना जवाब दाखिल करने के लिए मांगा गया था, लेकिन किसी ने भी अपना जवाब नहीं दाखिल किया। इसके बाद सभी शिक्षकों के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई शुरू की गई है। वहीं फर्जीवाडे का मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हंडक़ंप मच गया है।
सीतापुर जिले के बीएसए अखिलेश प्रताप सिंह ने बताया कि 12,460 शिक्षकों की भर्ती पिछले साल हुई थी। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जिन्होंने नौकरी प्राप्त की थी, उनकी जांच कराई गई थी। ऐसे सभी शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उन्हें बर्खास्त कर दिया गया है, उनके खिलाफ एफआईआर कराने के लिए पुलिस विभाग को सूची दे दी गई है।
आरोपियों के खिलाफ दर्ज होगा मुकदमा
सभी के खिलाफ मुकदमा करवाया जा रहा है। बीएसए ने बताया कि यह भर्ती साल 2018 की है। लेकिन कोर्ट की वजह से भर्ती रुकी हुई थी। पिछले साल भर्ती बहाल होने के बाद पिछले साल ही जुलाई में भर्ती की गई थी। इसमें टीईटी के फर्जी प्रमाणपत्रों को लगाकर नौकरी प्राप्त की गई थी। इनका भौतिक सत्यापन कराने पर ये फर्जी पाए गए थे, जिसके आधार पर कार्रवाई की गई