संभल : जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, मोमोज लेने गए नौवीं कक्षा के छात्र को बदमाशों ने किडनैप कर लिया, फिर उसे छोड़ने के एवज परिजनों से दो लाख रुपये की फिरौती मांगी। बेटे के अपहरण से परिजन सहम गए। ऐसे में उन्होंने बिना पुलिस को बताए किडनैपर को फिरौती की रकम दे दी और बेटे को सकुशल उनके चंगुल से छुड़ा लाए।
दरअसल, सदर कोतवाली इलाके के बेगमसराय का निवासी 14 वर्षीय हर्षित बुधवार शाम को अपने मोमोज लेने जाने के लिए कहकर घर से निकला था, लेकिन जब काफी देर तक हर्षित वापस नहीं लौटा तो परिजन परेशान हो गए। वे हर्षित की तलाश करने लगे। मगर देर रात हर्षित का कोई सुराग नहीं लगा। इसी बीच हर्षित के परिजनों के घर के मोबाइल फोन पर एक फोटो और मैसेज आया।
फोटो में हर्षित का मुंह कपड़े से बंधा हुआ था और लिखा हुआ था कि अगर बच्चा चाहिए तो सुबह तक दो लाख रुपये का इंतजाम कर लो। अगर बच्चे की जान प्यारी ना हो तो पुलिस को खबर कर देना, बाकी कल सुबह बताऊंगा। अपहरणकर्ता की तरफ से भेजे गए मैसेज को पढ़कर हर्षित के घरवालों के होश उड़ गए, जिसके बाद बुधवार रात में ही हर्षित के पिता ओम प्रकाश सैनी फिरौती की रकम जुटाने में लग गए।
दिन निकलने से पहले ही उन्होंने डेढ़ लाख रुपये की फिरौती का बैग तैयार कर लिया और अपहरणकर्ता के अगले मैसेज का इंतजार करने लगे। गुरुवार सुबह 5 बजे परिजनों को अपहरणकर्ता का फिर मैसेज आया, जिसमें उसने लिखा था कि पैसे फाउंटेन पार्क की कैंटीन के आगे डाल देना। मैं यहीं आसपास रहूंगा। तुम्हारा बच्चा उसके 30 मिनट बाद मिल जाएगा।
जिसके बाद हर्षित के परिजन पुलिस को सूचना दिए बगैर ही अपहरणकर्ता की बताई हुई जगह पर फिरौती से भरा हुआ बैग लेकर पहुंच गए और वहीं बैग रखकर अगले कदम का इंतजार करने लगे। ईसके कुछ देर बाद परिजनों को दोबारा मैसेज मिला कि तुम्हारा बच्चा सुबह 7 बजे मिल जाएगा। इसके बाद छात्र के परिजन तलाश करते हुए फिरौती से भरा हुआ बैग डालने वाले रास्ते पर आगे की तरफ बढ़े तो भवानीपुर पुल के पास अपहृत छात्र हर्षित सैनी परिजनों को मिल गया।
बच्चे के मिलते ही परिजन तुरंत संभल सदर कोतवाली पहुंचे और पुलिस को घटना की पूरी जानकारी दी, जिसे सुनकर पुलिसवाले सन्न रह गए। फौरन कोतवाली प्रभारी अनुज तोमर पुलिस टीम को साथ लेकर बच्चे और उसके परिजनों के साथ मुरादाबाद रोड स्थित घटना वाली जगह पहुंचे। फिलहाल, मामले में क्राइम ब्रांच की टीम को लगाया गया है। पुलिस जांच-पड़ताल में हुई है।