मेरठ: मवाना में रहने वाला समर खान उर्फ सोनू मारपीट के एक मुकदमे में आरोपी था। समर को जमानत मिल गई थी। लेकिन चौकी इंचार्ज विजयपाल समर को डरा धमका रहा था। 10 हजार रुपये की मांग कर रहा था। चौकी इंचार्ज समर से कह रहा था कि अगर 10 हजार रुपए नहीं दिए तो गंभीर धाराओं में जेल भेज दूंगा। समर ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन टीम को दी। जिसके बाद टीम ने 10 हजार के पाउडर लगे नोट समर को दे दिए।
समर गुरुवार दोपहर को पुलिस चौकी पर पहुंचा और दरोगा विजयपाल को पाउडर लगे नोट दे दिए। जिसके बाद टीम ने दरोगा को नोटों के साथ पुलिस चौकी से रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। टीम दरोगा को लेकर इंचौली थाने पहुंची। पूरे मामले की सूचना पर एसपी देहात राकेश कुमार मिश्रा थाने पहुंचे और आरोपी दरोगा से पूछताछ की।
समर खान उर्फ सोनू निवासी मवाना और उसके साथी आमान, शाबाज व 3-4 अज्ञात के खिलाफ नौशाद निवासी कादिर सब्जी वाली गली, मौहल्ला कल्याण सिंह मवाना ने जानलेवा हमला और साढ़े छह हजार रुपये की रकम लूटने के मामले में मुकदमा 15 अक्टूबर को दर्ज कराया। नौशाद का आरोप था कि पुरानी रंजिश को लेकर अयान को बंधक बनाकर पीटा गया। उसकी जेब से 6500 रुपये गिर गए।
मुकदमे की विवेचना मवाना बस स्टैंड चौकी प्रभारी विजय पाल सिंह निवासी कलोई झझर हरियाणा हाल निवासी इंडा एन्क्लेवा गली नंबर एक कविनगर गाजियाबाद को दी गई। समर खान उर्फ सोनू को दारोगा विजयपाल ने बुलाया। कहा कि मुकदमे से उसका नाम निकाल देगा। साथ ही लूट की धारा भी नहीं बढ़ाएगा। इसकी एवज में दस हजार रुपये की मांग की। रकम नहीं देने पर जेल भेजने की धमकी दी।
पूरे मामले में डीएम से भी शिकायत ी गई। पेसे मांगने की रिकार्डिंग भी पेश की गई। डीएम के आदेश के बाद गुरुवार की दोपहर प्रभारी निरीक्षक योगेंद्र कुमार की अगुवाई में टीम समर खान के साथ चौकी पर पहुंची। समर खान ने दस हजार की रकम जैसे ही विजय पाल के हाथ में थमा दी, तभी टीम ने उसे मौके से दबोच लिया। दारोगा ने भागने का प्रयास किया। सीओ का कहना है कि शुक्रवार को उसे कोर्ट में पेश कर दिया जाएगा।