हरदोई: बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र के उमरारी गांव में हो रहे लकड़ी कटान पर पहुंची संडीला उप जिलाधिकारी अरुणिमा श्रीवास्तव ने कार्यवाही की बात कहते हुए आम की लकड़ी भरी दो ट्रैक्टर ट्राली व एक पत्ता ख़ादने की मशीन सहित ट्रैक्टर एवं लकड़ी काटने के यंत्रों को जप्त कर लिया।
उनके द्वारा जप्त की गई सामग्री को सड़क मार्ग के रास्ते तहसील परिसर ले जाया जा रहा था, जहां बेनीगंज कस्बे के नजदीक दुर्घटिया मोड के समीप एक ट्रैक्टर ट्राली अचानक अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई जिससे बड़ी अनहोनी होने से बची।
स्थानीय पुलिस व वन विभाग के अधिकारियों से नाराज मौके पर मौजूद उप जिलाधिकारी ने तत्काल नगर पंचायत को आदेशित कर अन्य ट्रैक्टर ट्राली की व्यवस्था कराई और स्वयं की उपस्थिति में लकड़ी की लोडिंग कराई तत्पश्चात देर शाम लगभग 9 बजे संडीला के लिए रवाना हुई। इस बीच प्रताप नगर, संडीला सड़क मार्ग पर जाम की स्थिति बनी रही।
वहीं उप जिलाधिकारी को बाबा बर्फानी धर्मकांटा पर बैठे देख उनके इर्द गिर्द तमाम लोगों की मौजूदगी देखने को मिली। बताते चलें कि बीते बुधवार की दोपहर लगभग 4 बजे 84 कोसी परिक्रमा सिमित के संत महात्माओ के साथ परिक्रमा मार्ग एवं व्यवस्थाओं का जायजा लेने उमरारी गांव पहुंची जहां उप जिलाधिकारी अरुणिमा श्रीवास्तव आम का बाग कटते देख दंग रह गई।
उन्होंने तत्काल कार्यवाही की बात कहते हुए जिलाधिकारी मंगला प्रसाद, बेनीगंज इंस्पेक्टर अशोक सिंह सहित वन क्षेत्राधिकारी विनय सिंह जादौन को आम के हरे भरे पेड़ काटे जाने संबंधी जानकारी दी। कार्यवाही के नाम पर उपरोक्त यंत्र, वाहन, लकड़ी आदि को जप्त भी किया। कहा पेड़ काटने वाले लकड़ी ठेकेदार एवं बाग मलिक पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
वहीं पेड़ काटने की राजस्व संबंधी बात की जाए तो नियमानुसार किसी भी पेड़ को काटने से पूर्व पेड़ मालिक और लकड़ी ठेकेदार द्वारा सामंजस्य स्थापित करते हुए तहसील से संबद्ध क्षेत्रीय लेखपाल द्वारा खसरा कागज़ात तैयारी के दौरान दर्ज किया जाता है कि उक्त भूमि गाटा संख्या पर खड़े पेड़ प्रतिबंधित देसी या कलमी प्रजाति के हैं अथवा नहीं।
काटे जा रहे हरे भरे आम के पेड़ों को क्षेत्रीय लेखपाल द्वारा तैयार किए गए खसरे में स्पष्ट तौर पर जिक्र किया गया है कि उक्त पेड़ छूट प्रजाति के कलमी है, जिनकी संख्या भी सुविधा शुल्क के आधार पर तय कर लिखी जाती है। जबकि मौके पर उप जिलाधिकारी व स्थानीय लोगों द्वारा काटे जा रहे आम के पेड़ों को देसी प्रजाति का बताया गया जिन्हें कटा नहीं जा सकता है जो छूट प्रजाति के होते ही नहीं है।
मामले संबंधी पूछे जाने पर वन क्षेत्राधिकारी विनय कुमार जादौन ने बताया कि एक लकड़ी ठेकेदार द्वारा कलमी प्रजाति के 30 आम के पेड़ों को काटे जाने का परमिट जारी किया गया है जिसके तहत पेड़ों को काटा जा रहा है। परमिट से अधिक संख्या में पेड़ों को काटा नहीं गया है, मेरे द्वारा मौके पर जांच के दौरान अगर अत्यधिक पेड़ों को काटा जाना पाया गया तो अति शीघ्र कड़ी कार्यवाही की जाएगी।