हरदोई: कोथावां विकासखंड के पुरवा बाजीराव ग्राम पंचायत का कूड़ा निस्तारण केंद्र शोपीस बनकर रह गया है। सूबे की योगी सरकार ने संपूर्ण गांव पंचायत की स्वच्छता के लिए लाखों रुपए खर्च कर यह केंद्र बनवाया था। कूड़ा निस्तारण हेतु केंद्र का उद्देश्य था कि गांव का कूड़ा एक जगह एकत्र हो और चारों ओर गंदगी न फैले।लेकिन निर्माण के बाद से आज तक इस केंद्र का संचालन नहीं हो सका है।
ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है। स्वच्छता के नाम पर यहां सरकार की कारगिल योजना धड़ाम हो गई है। पुरवा बाजीराव पंचायत में जिम्मेदारों की हीलाहवाली के चलते यह कूड़ा निस्तारण केंद्र आज खोखला साबित हो रहा है। उपरोक्त विषय पर सहायक विकास अधिकारी सुधाकर वाजपेई ने बताया केंद्र की जांच करवाते हैं जल्द ही केंद्र संचालित किया जाएगा।
फिलहाल विकासखंड में ऐसे कई कूड़ा निस्तारण केंद्र बनकर शोपीस रूप में तैयार है लेकिन उनका अभी तक संचालन नहीं हो सका है। जिसके कारण स्वच्छ भारत मिशन पर सवाल उठना लाजमी है।