हरदोई: बिलग्राम तहसील क्षेत्र के भमरौली ननखारा गांव में स्थित नीलम नदी पर बने पुल का हिस्सा पांच माह पहले आए सैलाब में बह गया था। लेकिन आज तक संबंधित विभाग ने इसे बनाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। इस लापरवाही का खामियाजा गांव के लोगों को उठाना पड़ रहा है। नदी के उस पार अपने खेतों तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों को अब नाव का सहारा लेना पड़ता है। इसके लिए उन्हें पैसे भी खर्च करने पड़ते हैं। हर दिन सैकड़ों लोग इसी रास्ते से जाते और आते हैं। जो पहले पुल से सुरक्षित और बिना परेशानी के निकल जाते थे। लेकिन अब उन्हें नदी पार करने के लिए नाव की सेवा का खर्च उठाना पड़ रहा है।
एक व्यक्ति को नदी पार करने के लिए 10 रुपये देने पड़ते हैं। और दो पहिया वाहन के साथ आने जाने वाले को 10 रुपये और देने होते हैं। इस तरह ग्रामीणों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ का भी सामना करना पड़ रहा है। लापरवाही का शिकार बने लोग गांव के निवासी रामशरण, मोहन, विष्णु, शोभित, सुधांशु और रामकली ने बताया कि पुल का निर्माण सही तरीके से नहीं किया गया था। पुल छोटा था, जिसकी वजह से बार-बार मिट्टी कट जाती है। और इस कारण उन्हें हमेशा समस्याओं का सामना करना पड़ता है। वे इस स्थिति को लेकर बहुत परेशान हैं। लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने अब तक इस पुल की मरम्मत और मिट्टी डालवाने का कोई प्रयास नहीं किया है।
लोगों में बढ़ रही नाराजगी के चलते ग्रामीणों का कहना है, कि यह लापरवाही विभाग की साफ दिखाई दे रही है। बारिश के मौसम में स्थिति और भी बिगड़ सकती है। लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। लोग अब इस मसले को लेकर प्रशासन से न्याय की गुहार लगा रहे है। और अधिकारियों से अपील कर रहे हैं,कि जल्द से जल्द पुल का निर्माण कराया जाए, ताकि आसपास के ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान हो सके।