शाहाबाद/हरदोई। ब्लॉक टोडरपुर के ग्राम वरखेरा में चल रहे श्री रुद्र महायज्ञ में गुरुवार को तृतीय दिवस के अवसर पर आचार्य घनश्याम शुक्ल ने शिव महापुराण के माध्यम से भक्तों को बताया कि ईश्वर की असीम कृपा होने पर ही मनुष्य को श्री शिव महापुराण श्रवण का अवसर प्राप्त होता है।इसलिए जो भक्त शिवपुराण के महात्म्य का श्रवण कर रहे उन पर भगवान की कृपा निश्चित है।
उन्होंने महाशिव पुराण के वृत्तांत से बताया एक बार तपस्या के दौरान भगवान शंकर ने माता पार्वती की परीक्षा लेनी चाही। उन्होंने परीक्षा लेने के लिए सप्तऋषियों को पार्वती के पास भेजा। उन्होंने पार्वती के पास जाकर उसे यह समझाने का प्रयास किया कि शिव जी औघड़, अमंगल वेषधारी और जटाधारी हैं और वे तुम्हारे लिए उपयुक्त वर नहीं हैं। उनके साथ विवाह करके तुम कभी सुखी नहीं रह सकती। साथ ही माता पार्वती से ध्यान छोड़ने के लिए कहा। लेकिन पार्वती अपने विचारों पर दृढ़ रहीं।
उनकी दृढ़ता को देखकर सप्तऋषि अत्यन्त प्रसन्न हुए और उन्हें सफल मनोरथ होने का आशीर्वाद देकर शिव जी के पास लौट आए। पार्वती के दृढ़ निश्चय के कारण महादेव उन्हें पति के रूप में प्राप्त हुए। इस दौरान रोहित सिंह, अशोक सिंह, कमलेश, आरती, पूजा, गीता आदि मौजूद रहे
रिपोर्ट – राम प्रकाश राठौर