Nadaaniyan Review: सैफ अली खान के बेटे इब्राहिम अली खान की डेब्यू फिल्म ‘नादानियां’ ऑनलाइन स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर आ चुकी है। इस फिल्म में बॉलीवुड के फ्रेश पेयर इब्राहिम अली खान और खुशी कपूर को कास्ट किया गया है। फिल्म में दोनों एक साथ काफी अच्छे लग रहे हैं। ये खुशी कपूर की तीसरी फिल्म है और वो लगातार एक्टिंग के मामले में निखरती जा रही हैं। वहीं, इब्राहिम अली खान ने अपनी पहली ही फिल्म में कमाल कर दिया है, उनकी परफॉर्मेंस एकदम नेचुरल है जो मूवी में उनके किरदार के साथ पूरा इंसाफ करती है।
क्या है ‘नादानियां’ की कहानी?
नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई इस फिल्म का निर्देशन नवोदित शौना गौतम ने किया है। फिल्म की कहानी इसके नायक अर्जुन मेहता (इब्राहिम अली खान) और पिया जयसिंह (खुशी कपूर) की कहानी को फॉलो करती है। वे स्कूली जीवन, दोस्ती, पारिवारिक इवेंट्स में हर जगह साथ में दिखते हैं। कहानी की शुरुआत पिया के खुद को एक अजीब स्थिति में पाने से शुरू होती है, उसे अपने दोस्तों को यह समझाने के लिए साबित करना होगा कि वह किसी को डेट कर रही है।
अपनी समस्या को हल करने के लिए पिया, अर्जुन को अपने साथ लाती है, जो एक नया प्रतिभागी और वाद-विवाद टीम का स्कॉलर है। वह अर्जुन को अपना बॉयफ्रेंड बनने के लिए हर महीने रुपए देती है। इस तरह कमर्शियल सिनेमा में ‘किराए के बॉयफ्रेंड’ की पुरानी कहावत वापस आ जाती है और बस इसी तरह उनकी ‘नादानियां’ शुरू हो जाती है। पहला भाग, जिसमें दोस्ती, स्कूली जीवन और युवा प्रेम पर फोकस किया गया है, जबकि दूसरा भाग इमोशंस में डूबा हुआ है क्योंकि उनके माता-पिता के संघर्ष भी केंद्र में आ जाते हैं।
यहां हर किसी के लिए कुछ न कुछ है। कहानी में स्कूल जीवन से बड़ा दिखता है, स्कूल ड्रेस औसत की तुलना में अधिक स्टाइलिश दिखती है और सब कुछ वास्तविकता से दस गुना अधिक ग्लैमरस है। सुनील शेट्टी, महिमा चौधरी, दीया मिर्जा और जुगल हंसराज जैसे कलाकारों की अहम भूमिका वाली यह फिल्म पुरानी यादों को ताजा कर देती है। इतने लंबे समय के बाद उन्हें स्क्रीन पर देखना खास है, जो कहानी में भावनात्मक गहराई जोड़ता है और जाहिर है, इब्राहिम अली खान और खुशी कपूर को एक साथ देखना एक मजबूत भावना जगाता है, क्योंकि इब्राहिम जहां अपने पिता सैफ अली खान तो वहीं खुशी कपूर अपनी मां श्रीदेवी की झलक दिखाती हैं।
फिल्म इब्राहिम और खुशी कपूर की जोड़ी के साथ दर्शकों का दिल जीत रही है। इस फिल्म में जेन-जी का जनरेशन का वो तड़का लगाया गया है कि फिल्म सीधे यूथ से कनेक्ट कर रही है। लेकिन ये बात तो सोलह आने सच है कि प्यार तो प्यार होता है फिर चाहे आप जेन-जी के हों या फिर नहीं..ये बात तो तय है कि ये मूवी आपके दिल को सीधे छू लेगी।