हरियावां/हरदोई। विकासखंड की ग्राम पंचायत भदेवरा में बड़ी संख्या में अपात्रों को पीएम आवास योजना ग्रामीण के तहत लाभ दिया गया था। 2017 में हुई जांच में पता चला था कि 28 अपात्रों को योजना का लाभ दिया। इसके अलावा चार लोगों की जाति बदलकर उन्हें अनुसूचित जाति की श्रेणी में रखकर योजना का लाभ दिया गया था।
साथ इन सभी अपात्रों के बैंक खातों में किस्त भी भेज दी गई थी बैंक आफ इंडिया की हरियावां शाखा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक ने गांव के ही सद्दाम हुसैन के खाते में एक मुश्त 12 खातों में रकम भेजी थी। इस घटनाक्रम में तत्कालीन खंड विकास अधिकारी ने उस समय मौजूदा ग्राम प्रधान शरीफ सिद्दीकी तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी बालकराम, सद्दाम हुसैन और बैंक आफ इंडिया हरियावां शाखा के तत्कालीन प्रबंधक के खिलाफ धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने बालक राम और सद्दाम हुसैन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। दोनों की काफी दिन बाद जमानत हुई थी। तत्कालीन बैंक प्रबंधक जहां न्यायालय की शरण में चले गए थे। वहीं तत्कालीन ग्राम प्रधान शरीफ सिद्दीकी लगातार पुलिस के साथ आंख मिचौली का खेल खेल रहे थे। कई बार कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट भी जारी किए गए थे, लेकिन पुलिस की सह पर वह घूमता रहा, जिस पर दो करीब माह पूर्व न्यायिक मजिस्ट्रेट में नाराजगी जताते हुए पूर्व में कुर्की करने के निर्देश भी दिए थे।
इसके बावजूद भी करीब दो माह बाद चुनाव से पहले क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस ने दबिश देकर प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के भ्रष्टाचार के आरोपित तत्कालीन ग्राम प्रधान शरीफ सिद्दीकी को हरदोई से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
रिपोर्ट- सईद अहमद