कर्ज लेकर निजी नर्सिंग होम बनाने वाले भ्रष्ट प्रिंसिपल सलिल कैसे बने करोड़ों के मालिक…

Saeed Ahmed
Saeed Ahmed Sultanpur 2 Min Read
2 Min Read

सुलतानपुर। स्वयं का नर्सिंग होम निर्माण के समय राजकीय मेडिकल कॉलेज के भ्रष्ट प्रिंसिपल के पास धन की कमी थी। उन्हें निजी अस्पताल निर्माण कार्य के लिए बैंक से लंबा चौड़ा ऋण लेना पड़ा। सूत्रों की माने तो ऋण अदा करने में उनके पसीने छूट गए। बैंक ने नोटिस जारी की तो जैसे-तैसे बैंक का कर्ज अदा हो सका। लेकिन वर्तमान में प्रिंसिपल का पद पाते ही डॉ. सलिल श्रीवास्तव के हाथों ऐसा लगा जैसे कोई कुबेर का खजाना उनके हाथों लग गया हो। जनपद अमेठी में स्थित लखनऊ हाइवे पर करोड़ों की प्रॉपर्टी और बीते वर्ष जिले में करोड़ों की प्रॉपर्टी और हाल ही में परिवार की शादी में कई लाख खर्च हुए। आखिर ये रकम आई तो कहां से।

सूत्रों के अनुसार, डॉक्टरो की नियुक्ति से लेकर आउट सोर्सिग कंपनी के माध्यम से गार्ड से लेकर अन्य नियुक्तियों में उन्हें भारी भरकम लाभ हुआ। दवा के टेंडर व बिल्डिंग में लगे सामानो में उन्हें कमीशन के माध्यम से बड़ा लाभ हुआ। उनके द्वारा सरकारी धन का लाभ हो रहा और शासन- प्रशासन के अधिकारी उनकी जांच करने से कतरा रहे हैं। ऐसी स्थिति में भ्रष्ट प्राचार्य ने मुख्य मंत्री के निर्देशों को ताक पर रखकर खुलेआम मौज काट रहा है। जबकि आय से अधिक संपति के मामला प्रकाश में आया है। इसके बाद भी योगी सरकार के जिम्मेदार उच्चाधिकारियों और हक हकूक की बात करने वाले जनप्रतिनिधियों के कानों में जू तक नहीं रेंग रही हैं कि ऐसे भ्रष्ट प्राचार्य पर कार्रवाई करवा सके।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Exit mobile version