लखनऊ: राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत 2005-06 वित्तीय वर्ष में हुआ था 1600 करोड़ रुपए का घोटाला, बांदा, झांसी, हमीरपुर, चित्रकूट, जालौन, महोबा, लखनऊ, हरदोई, उन्नाव, बरेली, लखीमपुर खीरी, श्रावस्ती, बहराइच के गांवों में हुआ था घोटाला, विजिलेंस ने बहराइच और श्रावस्ती में हुई गड़बड़ी की खुली जांच कर ली है पूरी,
जांच में विद्युत विभाग के तत्कालीन अधिकारी-कर्मचारी पाए गए हैं दोषी, शासन के आदेश पर दोनों जिलों के तत्कालीन अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ अयोध्या सेक्टर के थाने में दर्ज किया गया है मुकदमा, हरदोई में हुए घोटाले को लेकर विजिलेंस पहले ही दर्ज कर चुकी है केस। शासन ने विजिलेंस को वर्ष 2017 में सौंपी थी मामले की जांच।