जयपुर: शुक्रवार सुबह जयपुर-अजमेर हाईवे पर एक भीषण हादसा हो गया, यहां भांकरोटा इलाके में सीएनजी टैंकर ब्लास्ट हो गया, जिसकी चपेट में हाइवे से गुजर रहे करीब 40 वाहन आ गए और उनमें आग लग गई। हादसे में 11 लोग जिंदा जल गए, जबकि 33 लोग बुरी तरह झुलस गए। मरने वालों का आंकड़ा और बढ़ सकता है। घायलों को इलाज के लिए सवाई मानसिंह हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। हादसे में हाइवे किनारे पाइप फैक्ट्री जलकर खाक हो गई, एक पेट्रोल पंप का भी हिस्सा इसकी चपेट में आया है। ब्लास्ट की जानकरी पर पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंच गईं
आग से हुए धमाके का असर एक से डेढ़ किमी तक महसूस किया गया। आग की लपटें 200 फीट ऊपर तक उठीं। मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राहत कोष से दो-दो लाख और राज्य सरकार ने 5-5 लाख रुपए देने का ऐलान किया है। घटना के नौ घंटे बाद आग पूरी तरह बुझाई जा सकी। जानकारी के अनुसार भारत पेट्रोलियम के एलपीजी गैस का टैंकर अजमेर से जयपुर की ओर आ रहा था। सुबह दिल्ली पब्लिक स्कूल के सामने से वह वापस अजमेर की ओर यू-टर्न ले रहा था। इसी दौरान जयपुर से आ रहा ट्रक टैंकर से भिड़ गया।
गेल इंडिया लिमिटेड के डीजीएम (फायर एंड सेफ्टी) सुशांत कुमार सिंह ने बताया कि टक्कर के कारण टैंकर में लगे 5 नोजल टूट कर गिर गए और लिक्विड रूप में एलपीजी निकल कर पूरे इलाके में फैल गई। टक्कर लगते ही स्पार्क हुआ था, इससे गैस ने आग पकड़ ली और पूरे इलाके में धमाका हुआ। स्थानीय लोगों ने बताया कि हादसा इतना भीषण था कि कुछ मिनटों में आसपास की गाड़ियां पूरी तरह जल गई।
आग इतनी तेजी से फैली कि 30 से ज्यादा गाड़ियां आग की चपेट में आ गईं। इन गाड़ियों में बैठे लोगों को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला। टैंकर के पीछे चल रही एक स्लीपर बस और हाईवे किनारे मौजूद पाइप फैक्ट्री भी जल गई। गाड़ियां रुकने के कारण हाईवे बंद हो गया। धमाके के बाद गैस फैलने से रेस्क्यू में काफी परेशानी आई। घटना के बाद एहतियातन दिनभर पूरे इलाके में बिजली आपूर्ति ठप रही। घटना के बाद तुरंत बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा घायलों से मिलने सवाई मान सिंह अस्पताल पहुंचे और इसके बाद घटनास्थल का जायजा भी लिया। उन्होंने पूरे हादसे की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।