शाहाबाद/हरदोई। भूमाफियाओं के कब्जे से सरकारी जमीनें तो नहीं बच पाई थी लेकिन अब भू माफियाओं ने कब्रिस्तानों की जमीनों पर भी कब्जा करना प्रारंभ कर दिया है लेकिन प्रशासन लाख शिकायतों के बाद भी टस से मस नहीं हो रहा है। शिकायत करने पर कब्रिस्तान के हकदारों को जान माल की धमकियां दबंगों द्वारा दी जा रही।
शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला बाजार संभा निवासी फुरकान खान पुत्र मोहम्मद नबी का बासित नगर मार्ग पर नाले के किनारे गिगियानी मोहल्ले में पुस्तैनी कब्रिस्तान है। जहां पर उनके दादा और पुरखे सुपुर्द-ए-खाक किए गए हैं। लेकिन अब इस कब्रिस्तान पर भू माफियाओं की नजर लग गई है। सड़क के किनारे बेशकीमती जमीन होने की वजह से दबंग की नियत खराब है।
उन्होंने पुलिस और प्रशासन से सांठ गांठ करके इस कब्रिस्तान को कब्जा कर लिया है, और बाकायदा उस पर निर्माण कार्य भी प्रारंभ हो गया है। फुरकान खान के अनुसार पाली थाना क्षेत्र के ग्राम हाजीपुर निवासी शिवपाल पिछले कई वर्षों से गिगियानी मोहल्ले में पाली चौराहे पर मकान बनाकर रह रहे हैं। उनके मकान के ठीक पीछे उसका पुश्तैनी कब्रिस्तान है।
फुरकान के अनुसार पिछले काफी दिनों से शिवपाल की नियत खराब थी और उसने कई बार कब्रिस्तान की जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया परंतु विरोध करने पर कब्जा करने में कामयाब नहीं हो सका। लेकिन सत्ता परिवर्तन होने के बाद उसने पुलिस और स्थानीय नेताओं से सांठगांठ करके उसके कब्रिस्तान पर पहले दीवार खड़ी की और उसके बाद दीवार के अंदर निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया।
फुरकान के अनुसार वह अपने परिजनों के साथ जब मना करने के लिए गया तो उपरोक्त शिवपाल और उसके आदमी मारपीट एवं दंगा फसाद पर आमदा हो गए। जिससे वह मौके की नजाकत देखकर चला आया। पीड़ित फुरकान ने प्रभारी निरीक्षक शाहाबाद, क्षेत्राधिकारी शाहाबाद, एसडीएम शाहाबाद, डीएम हरदोई, पुलिस अधीक्षक हरदोई, मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार, गृह सचिव उत्तर प्रदेश सरकार यानि हर जगह प्रार्थना पत्र दिए परंतु उसके कब्रिस्तान की जमीन को दबंगों से मुक्त नहीं कराया जा सका।
प्रार्थी जब भी कब्रिस्तान पर निर्माण का विरोध करता है तो उपरोक्त शिवपाल एवं उसके परिजन जान माल की धमकियां दे रहे हैं। इससे यह सिद्ध होता है कि इतनी शिकायतें और फरियाद करने के बाद भी जब दबंग कब्रिस्तान की जमीन को नहीं बख्श रहे हैं तो फुरकान आखिर जाए तो कहां जाए? फुरकान को लगातार जान माल का खतरा बना हुआ है।
रिपोर्ट- राम प्रकाश राठौर