हरदोई: पुलिस की पिटाई से क्षुब्ध होकर एक युवक के आत्महत्या करने का मामला प्रकाश में आया है। हालांकि घटना बीते 16 नवंबर की है। पर शुक्रवार को पुलिस की बर्बरता का एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में एक दरोगा युवक को घसीटते, थप्पड़ मारते और जबरन कार में बिठाते हुए दिख रहे हैं। मामले को लेकर मृतक की पत्नी ने मुख्यमंत्री को शिकायत पत्र सौंपते हुए पुलिस पर बर्बरता का आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही 10 लाख रुपए मुआवजे की मांग की है।
मृतक की पत्नी का कहना है कि उसके पति की मौत के लिए पुलिसकर्मियों की पिटाई और प्रताड़ना जिम्मेदार हैं। जानकारी के मुताबिक, मृतक प्रवीण कुमार उर्फ लालू ने 16 नवंबर को अपने घर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पीड़िता नीरजा देवी ने शिकायती पत्र में बताया कि 20 जनवरी 2023 को उसने अपने चचेरे भाई का पंजीकृत बैनामा शाहाबाद में कराया था। लेकिन 25 अप्रैल को विपक्षियों ने इस जमीन पर कब्जा करने के लिए थाने में मामला दर्ज करवा दिया। इसके बाद पुलिस ने उसके पति को उठा लिया और थाने में बुरी तरह पीटा।


नीरजा ने आरोप लगाया कि 10 अक्टूबर को उसके पति को गांव वालों के सामने गाली गलौज करते, बुरी तरह बेज्जती करते हुए दरोगा राजेश द्विवेदी व सिपाही ने उसे जबरन जीप में डालकर थाने ले गए। वहां फिर उसे धमकाया गया कि खेत का कब्जा छोड़ दो। इसके बाद 15 नवंबर को भी उसे थाने बुलाकर बेइज्जत किया गया, जिसके बाद घर लौटकर प्रवीण ने सारी घटना की जानकारी दी। पुलिस की प्रताड़ना से तंग आकर 16 नवंबर की रात को घर में ही फांसी लगाकर उसने आत्महत्या कर ली।
वहीं अब पीड़िता ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, शिकायत की प्रतिलिपि मानवाधिकार आयोग और अन्य अधिकारियों को भी भेजी गई है। मामले में थानाध्यक्ष इंद्रेश कुमार का कहना है कि उन्हें किसी वायरल वीडियो की जानकारी नहीं है, लेकिन शिकायतकर्ता के जमीनी विवाद के मामले को लेकर पुलिस कार्यवाही कर रही है।