संडीला/हरदोई: तहसील के अधिकारियों को पूरे क्षेत्र की समस्याओं की निगरानी और समाधान के लिए तैनात किया जाता है, लेकिन जब खुद तहसील परिसर में ही मूलभूत सुविधाएँ लचर हों, तो जनता को राहत कैसे मिलेगी? तहसील परिसर में पानी की किल्लत बनी हुई है। गर्मी के मौसम में यहाँ आने वाले वकील, फरियादी और कर्मचारी बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। हैंडपंप सूख चुके हैं, वाटर कूलर खराब पड़े हैं, और प्रशासन की ओर से कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है।
अधिकारियों की अनदेखी या लाचारी?
तहसील प्रशासन को पूरे क्षेत्र में जल संकट जैसी समस्याओं का समाधान निकालने की ज़िम्मेदारी दी गई है, लेकिन जब वे खुद अपने कार्यालय की व्यवस्था तक सुधारने में नाकाम हैं, तो आम जनता के लिए क्या कर पाएंगे?
फरियादियों का दर्द:
“हम दूर-दराज़ से न्याय की आस लेकर आते हैं, लेकिन यहाँ हमें पानी तक नहीं मिलता। यह कैसी व्यवस्था है?” – एक बुजुर्ग फरियादी ने नाराजगी जताई।
कब मिलेगी राहत?
अब देखना यह है कि प्रशासन इस समस्या को कब तक नजरअंदाज करता है या फिर मीडिया के दबाव के बाद जागता है। तहसील परिसर में पानी की समुचित व्यवस्था कब होगी, यह सवाल अब जनता के बीच चर्चा का विषय बन चुका है।