Hardoi News: शाहाबाद नगर पालिका अध्यक्ष, अधिशासी अधिकारी व कर्मचारियों द्वारा हाईकोर्ट के आदेश की आड़ से फर्जी लोगों के नोटिस जारी कर गरीब लोगों से धन वसूली की जा रही है, जबकि हाईकोर्ट का आदेश यह है कि नाले पर जो भी अवैध अतिक्रमण है, उसको हटाया जाए और उन लोगो को नोटिस जारी किया जाए जिन लोगों ने नाले पर अवैध रूप से अतिक्रमण कर रखा है।
परन्तु नगर पालिका अध्यक्ष व अधिशासी अधिकारी द्वारा उन लोगो को नोटिस जारी करके वसूली की जा रही है और यह कहा जा रहा है कि आप लोगों की दुकान नहीं तोड़ी जाएगी ऐसे तो आदेश आते-जाते रहते हैं। नगर पालिका शाहाबाद में कई वर्षों से एक ही पालिका अध्यक्ष होने की वजह से नालों को बेचकर दुकाने बनवा दी गई हैं, जिसके लिए रिद्धि सिद्धि कल्याण समिति द्वारा जनहित याचिका करके माननीय उच्च न्यायालय द्वारा नाले पर से अतिक्रमण हटाने का आदेश किया गया, लेकिन पालिका के अधिशासी अधिकारी व चेयरमैन के द्वारा अभी तक अतिक्रमण को हटाया नहीं गया है।
सुनने में आया है कि नगर पालिका द्वारा नोटिस जारी करके लोगों से ले मोटी रकम लेकर मामले को रफा-दफा कर दिया गया है। चेयरमैन व अधिशासी अधिकारी का कहना है कि ना हाईकोर्ट ना सुप्रीम कोर्ट सबसे बड़ा खेड़ा बलाई कोर्ट। अब देखना है कि माननीय उच्च न्यायालय का आदेश न मानने पर जिलाधिकारी शाहाबाद नगर पालिका पर क्या कार्रवाई करेंगे?