जम्मू कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का मंगलवार को लंबी बीमारी के बाद 79 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनका दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में इलाज चल रहा था। लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। उन्होंने मंगलवार दोपहर 1:00 बजे राम मनोहर लोहिया अस्पताल में ही अंतिम सांस ली।
सत्यपाल मलिक 5 साल में कुल पांच राज्यों के गवर्नर रहे थे वह 2017 से 2022 के दौरान बिहार से लेकर जम्मू कश्मीर गोवा और मेघालय जैसे पांच राज्यों में गवर्नर के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके थे 1970 में छात्र राजनीति से कैरियर की शुरुआत की थी और 1974 में बागपत से विधानसभा का चुनाव लड़ा था और इस चुनाव में चौधरी चरण सिंह की पार्टी भारतीय क्रांति दल से लड़े थे और जीत हासिल की थी उन्हें जम्मू कश्मीर में गवर्नर के कार्यकाल के लिए हमेशा याद रखा जाएगा.
उनके दौर में ही राज्य से आर्टिकल 370 जाता था और सुबह का पुनर्गठन करके लद्दाख को अलग एक केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया था हालांकि इसी कार्यकाल को लेकर वह विवादों में भी रहे सत्यपाल मलिक समाजवादी विचारधारा से निकले हुए नेता थे। एक सांसद से लेकर गवर्नर तक का सफर करने वाले सत्यपाल मलिक आखिरी कुछ सालों में भाजपा से जुड़े। और कई राज्यों के गवर्नर के तौर पर सेवाएं दी, हालांकि बीते कुछ सालों से वह सरकार के खिलाफ मुखर थे, उन्हें जम्मू कश्मीर में अपने कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार का भी आरोप लगाया था.
उन्होंने हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट को लेकर करप्शन का आरोप लगाया था और फिर इसी केस में उनके खिलाफ सीबीआई ने आरोप पुत्रदा की किया था इस चार्ज शीट पर अस्पताल से ही सत्यपाल मलिक ने एतराज जताया था और कहा था कि आखिर यह क्या हो रहा है जिस शख्स ने करप्शन का आरोप लगाया था उसके ही खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है और अब चरसी दाखिल की गई है सत्यपाल मलिक ने लोकसभा चुनाव 2024 में भी सरकार का मुख्य विरोध किया था और विपक्ष के समर्थन में वोट देने की अपील की थी सत्यपाल मलिक के एक अकाउंट से भी उनकी मौत की जानकारी दी गई ।
एक्स अकाउंट पर आखरी बार उनके निजी सहायक ने 9 जुलाई को बताया था कि उनकी हालत गंभीर है खुद को चौधरी चरण सिंह का शिष्य बताने वाले सत्यपाल मलिक किसान आंदोलन के समर्थन में मुखर हुए थे और सरकार की तीखी निंदा की थी यही नहीं उन्होंने किसान आंदोलन के समर्थन में कई राज्यों में दौरे किए थे और सरकार से अपील की थी कि वह तीन विवादित दिलों को वापस ले ले पीएम नरेंद्र मोदी पर सीधे हमला बोलने के कारण भी वह काफी चर्चा में थे।