मेरठ : यूपी के मेरठ में हुए सौरभ हत्याकांड के सदमे से अभी देश उबर भी नहीं पाया था कि यूपी के ही औरैया जिले से एक और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। मेरठ में जहां मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर अपने पति सौरभ की हत्या कर उसके शव के 15 टुकड़े कर एक ड्रम में भरकर सीमेंट के साथ सेट कर दिया था। वहीं औरैया में नई नवेली दुल्हन प्रगति यादव ने मुस्कान से भी ज्यादा खौफनाक कदम उठाया और शादी के 15वें दिन ही अपने पति की सुपारी देकर हत्या करवा दी। इस हत्याकांड को सुनकर हर कोई सदमे में आ गया है।
दरअसल प्रगति ने शादी से पहले ही अपने पति की प्रेमी के साथ मिलकर हत्या करने का प्लान बना लिया था और शादी के बाद सुहागरात के दिन ही पति की हत्या की नाकाम कोशिश की लेकिन शादी के 15वें दिन वो अपने मंसूबों में कामयाब रही और पति की सुपारी किलर्स को दे हत्या करवा दी। प्रगति ने शादी की पहली रात यानि कि सुहागरात को ही अपने पति को मारने का प्लान बना लिया था।
दरअसल प्रगति अपने गांव के ही एक शख्स जिसका नाम अनुराग उर्फ मनोज यादव, उससे प्रेम करती थी और उसके साथ उसके अवैध संबंध भी थे। जब ये बात प्रगति के भाई को पता चली तो उसने अपनी बहन की शादी अपनी बड़ी बहन के देवर दिलीप से जबरन करवा दी। दिलीप प्रगति की दीदी का देवर था। प्रगति की बहन ने संपन्न परिवार देखकर अपनी बहन की शादी के लिए हामी भर दी। वहीं प्रगति इस शादी से नाराज अपने प्रेमी के साथ भागने के इरादे से पति को रास्ते से हटाना चाहती थी और शादी की पहली रात को ही प्रगति ने पति की हत्या की कोशिश की थी लेकिन वो नाकाम रही।
सुहागरात को ही पति के खाने में मिला दिया था ‘सल्फास’
शादी से पहले ही प्रगति और उसका प्रेमी अनुराग उसके पति को ठिकाने लगाने का प्लान बना चुके थे। शादी की पहली रात को यानि की सुहागरात को जब प्रगति ने अपने पति को रात का खाना परोसा तो उसमें उसने ‘सल्फास’ मिला दिया था। सल्फास गेहूं में रखने वाली वो दवा होती है जिसकी वजह से उसमें कीड़े-मकोड़े नहीं लगते हैं। इस दवा के मिलाए जाने के बाद खाने से अजीब से स्मैल आने लगी थी। इस दुर्गंध की वजह से सुहागरात वाली रात को दिलीप ने खाना खाने से इनकार कर दिया था। इसकी वजह से प्रगति की पहली साजिश नाकाम रही। हालांकि वो निराश नहीं हुई और पति को रास्ते से हटाने के लिए किसी और प्लान पर काम करना शुरू कर दिया।
मेरठ की मुस्कान से भी खतरनाक निकली औरैया की प्रगति
शादी की पहली रात को ही पति को ठिकाने लगाने का नाकामयाब प्लान के बाद प्रगति ने प्लान बी तैयार किया। इस प्लान के मुताबिक वो शादी के चौथे दिन अपने मायके चौथ में वापस गई। यहां उसने अपने प्रेमी अनुराग से होटल में मुलाकात की और उसके साथ अवैध संबंध बनाए। थोड़ी देर के बाद दोनों ने मिलकर प्रगति के पति दिलीप की हत्या का प्लान बनाया। इस प्लान के मुताबिक, दोनों ने सुपारी किलर्स को एक लाख रुपए एडवांस में दिए ये पैसे प्रगति ने अपनी मुंह दिखाई से इकट्ठा किए थे। बाकी का पैसा काम होने के बाद प्रगति ने अपने जेवर बेचकर देने को कहा था। इस पूरी कहाने में क्रूरता के मामले में औरैया की प्रगति ने मेरठ की मुस्कान रस्तोगी को पीछे छोड़ दिया था।
प्रगति ने ऐसे करवाई पति दिलीप की हत्या
एसपी अभिजीत आर शंकर ने बताया कि मैनपुरी के भोगांव के रहने वाले दिलीप को 19 मार्च के दिन औरैया के बेला क्षेत्र में पटना नहर के पास बाइक सवार तीन युवक मिले और दिलीप को काम दिखाने करीब 8 किमी दूर पलिया गांव ले गए। यहां पर उन लोगों ने मिलकर धारदार हथियार से दिलीप पर हमला किया और बाद में उसके सिर में गोली मार दी। अगले दिन 20 मार्च की रात को इलाज के दौरान दिलीप की मौत हो गई।
सुपारी के बचे हुए रुपयों का लेनदेन करने के दौरान पुलिस ने हत्यारोपी पत्नी, उसके प्रेमी व एक शूटर को धर दबोचा। पुलिस ने आरोपियों के पास से तमंचे, बाइक सहित अन्य सामान भी बरामद किया है। घटना में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। मैनपुरी के भोगांव थाना के नगला दीपा निवासी हाइड्रा चालक दिलीप कुमार (24) की हत्या के मामले में पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही थी।
नालायक बेटी के मंसूबों की भनक लग जाती, तो शादी दिलीप से नहीं करवाते
परिजनों ने कहा कि नालायक बेटी के मंसूबों की भनक लग जाती, तो वह कभी उसकी शादी दिलीप से नहीं करवाते। दिलीप के हत्यारों को फांसी की सजा दी जाए। मैनपुरी के भोगांव के नगला दीपा निवासी दिलीप (24) की हत्या के बाद से उसकी ससुराल सियापुर थाना फफूंद में सन्नाटा पसर गया। घटना बेटी द्वारा करवाए जाने की जानकारी पर प्रगति के बीमार पिता हरगोविंद यादव, मां कमला देवी, भाई आलोक कुमार, आशुतोष, संतोष, भाभी सावित्री देवी स्वयं को कोसते दिखे।
बिना मर्जी शादी करवाने का आरोप मनगढ़ंत
भाई आलोक ने कहा कि प्रगति का दिलीप से बिना मर्जी शादी करवाने का आरोप मनगढ़ंत है। उसकी इस घिनौनी हरकत से वह परिवार के लिए मर चुकी है। दिलीप बहन पारुल का देवर था। वह बहुत ही सरल स्वभाव का व्यक्ति था। हमेशा दूसरों की मदद के लिए तत्पर्य रहता था। दिबियापुर में किराए पर रहकर व्यापार देखने के दौरान उसका घर आना- जाना लगा रहता था।
हत्यारोपियों को फांसी की सजा दी जाए
प्रगति भी उससे काफी घुली मिली थी। शादी दोनों की रजामंदी से हुई थी। उसे या परिजन को जरा सी भी भनक लग जाती, तो वह उसकी शादी कभी भी दिलीप से नहीं करवाते। उनकी न्यायपालिका से मांग है कि दिलीप हत्याकांड में शामिल उनकी बहन प्रगति सहित सभी हत्यारोपियों को फांसी की सजा दी जाए। इसके लिए वह स्वयं अधिकारियों से लिखित शिकायत करेंगे।