आजमगढ़: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में 10 क्विंटल से ज्यादा मिठाई बनाने का नकली और मिलावटी सामान बरामद किया गया है। दिवाली की मिठाई जिस मावा से तैयार की जा रही हैं उसे नकली दूध पाउडर, पाम ऑयल, वनस्पति, शक्कर और खाद्य रंगों से बनाया जाता है। इससे बनी मिठाई खाने से दिल के रोग, मोटापा, पाचन समस्याएं और यहां तक कि कैंसर जैसे रोग हो सकते हैं।
चलिए समझते हैं कि नकली मिठाई से सेहत को क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं। और आप नकली मिठाई की जांच कैसे कर सकते हैं। न्यूट्रिशनिस्ट और डाइटीशियन शिखा अग्रवाल शर्मा के अनुसार, खराब क्वालिटी वाले मिठाई में कृत्रिम रंग, सिंथेटिक स्वीटनर या कम गुणवत्ता वाले आटे जैसी चीजों का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसी मिठाई खाने से मतली, उल्टी, दस्त और पेट में ऐंठन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
किडनी और लिवर डैमेज कर सकती है नकली मिठाई
नकली मिठाई में सिंथेटिक दूध, स्टार्च और कई ऐसे ही तत्व पाए जाते हैं जो किडनी पर दबाव डाल सकते हैं। ऐसे एडिटिव्स के लंबे समय तक सेवन से किडनी स्टोन और किडनी फेलियर का खतरा बढ़ सकता है। इन चीजों के सेवन से मेटाबोलिज्म बिगड़ सकता है, फैटी लीवर और यहां तक कि हेपेटाइटिस का कारण बन सकते हैं।
कुछ मिठाइयों में हानिकारक रसायन जैसे सैकरिन, एक सिंथेटिक स्वीटनर और अन्य कैंसर वाले केमिकल्स होते हैं। इन पदार्थों के लगातार सेवन से कैंसर का खतरा बढ़ सकता है, विशेष रूप से मूत्राशय और लिवर का कैंसर। ऐसी मिठाई खाने से आपका इम्यून सिस्टम भी कमजोर हो सकता है।
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एलर्जी रिएक्शन- खराब क्वालिटी वाली मिठाइयों में कम ग्रेड के नट्स, कृत्रिम स्वाद और खाद्य रंग से एलर्जी हो सकतीं हैं। जो एलर्जी रिएक्शन का कारण बन सकते हैं, जिसमें त्वचा पर चकत्ते, खुजली, सूजन और सांस लेने में समस्याएं शामिल हैं।
दिल के रोगों का भी खतरा- मिठाई में ट्रांस फैट और मिलावटी तेल का इस्तेमाल हुए मावे से बनी होती हैं। नियमित रूप से इसका सेवन करने से कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ सकता है, जिससे हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट डिजीज और दिल के रोगों की समस्याएं हो सकती हैं।
असली मिठाइयों का रंग नेचुरल होता है और इनमें चमकदार या बहुत अधिक कृत्रिम रंग नहीं होते। असली मिठाई नरम और मुलायम होती है। जबकि नकली मिठाइयां कड़ी और कृत्रिम लग सकती हैं। असली मिठाइयों का आकार एक समान होता है। जबकि नकली मिठाइयों का आकार अनियमित हो सकता है।
असली मिठाई का स्वाद नेचुरल और मीठा होता है। नकली मिठाइयों का स्वाद कृत्रिम और बहुत मीठा हो सकता है। असली मिठाई की अपनी एक विशिष्ट सुगंध होती है। नकली मिठाइयों से अजीब सी गंध आ सकती है। एक टुकड़ा मिठाई को पानी में डालें। अगर वह पानी में घुल जाती है तो यह नकली हो सकती है।
इसके अलावा एक छोटा सा टुकड़ा मिठाई को आग पर रखें। अगर वह जल्दी जल जाती है और काला धुआं निकलता है, तो यह नकली हो सकती है। शासन को ऐसे मिलावट खोरो के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।