बहराइच: गोपाल गुप्ता पिछले कई सालों से गेहूं के डंठल से मनमोहक कलाकृति बना रहे हैं, जिसके लिए इन्हें सम्मान और कमाई दोनों में काफी लाभ मिल रहा है। हाल ही में गोपाल ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को गेहूं के डंठल से टेबल नेम प्लेट बना कर भेजा था, जिसके लिए गोपाल को राज्यपाल की तरफ से एक प्रशंसा पत्र भेजा गया है।
गोपाल ने बताया कि एक नेम प्लेट बनाने में दो दिन का समय और लगभग 250 रुपये का खर्च आता है। नेम प्लेट मिलने के बाद राज्यपाल द्वारा प्रशंसा पत्र में सुंदर शब्दों में साफ लिखा है, “गेहूं के डंठल से निर्मित नेम प्लेट प्राप्त हुई, निःसन्देह ओ०डी०ओ०पी० योजनांतर्गत महिलाओं द्वारा बनाई गईं नेम प्लेट बहुत अच्छी है। मैं इसे अपने टेबल पर रखूंगी और सभी महिलाओं को याद करती रहूंगी। आप द्वारा अच्छा कार्य किया जा रहा है। मेरी कामना है कि आप सदैव उत्साहपूर्वक कार्य करते रहें।”
गोपाल गुप्ता ने बताया , गेहूं के डंठल से शायद ही कोई ऐसी कलाकृति हो, जिसे उन्होंने नहीं बनाया हो। खास बात तो यह है कि इस हुनर को बहराइच जिला कारागार में बंदी महिलाओं को भी सिखा रहे हैं, जो जेल के अंदर हुनर को निखारने के साथ-साथ कमाई भी कर रही हैं। राज्यपाल महोदया की तरफ से जब गोपाल को प्रशंसा पत्र प्राप्त हुआ, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। गोपाल ने बताया, कि इस काम को वह अपनी पत्नी समेत दर्जनों महिलाओं को रोजगार से जोड़कर कर रहे हैं।