Hardoi News: हरदोई नगर सहित ग्रामीण इलाकों में भी बिना लाइसेंस मेडिकल स्टोरो की भरमार हो गई है। सब कुछ जानते हुए भी विभागीय अधिकारी स्वागतिका घोष मौन धारण किए हुए हैं। इसका खामियाज़ा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। इतना ही नहीं ग्रामीण क्षेत्रों में चलाए जा रहे अधिकतर मेडिकल स्टोरों पर फार्मासिस्ट भी नहीं है। मेडिकल स्टोर संचालित करने वाले की अगर शैक्षिक योग्यता की जानकारी कर ली जाए तो भगवान ही मालिक है। क्षेत्रीय लोगों का बताना है कि कभी कभार जांच के नाम पर औषधि निरीक्षक आती है। तो लीपा पोती करके चली जाती है।
सूत्रों का कहना है कि जब से स्वागतिका घोष हरदोई आई हैं। मेडिकल स्टोरों की बाढ़ सी आ गई है। इनके दलालों के पास लाइसेंस बनवाने वालों की भीड़ लगी रहती है। खासतौर से ऑनलाइन करने वाले हसन के पास । लोगों का यहां तक कहना है, कि लाइसेंस लेने के लिए जो अनुभव प्रमाण पत्र लगाए गए हैं। वह भी मोटी रकम लेकर मेडिकल स्टोर से फर्जी बनवाकर लगाये जा रहे हैं। जनहित में अनुभव प्रमाण पत्र की जांच कराया जाना अति आवश्यक है। लोगों का कहना है कि बिना किसी भय के मेडिकल स्टोर का संचालन हो रहा है।
अधिकारी सुविधा शुल्क के चक्कर में आम जन के नफा नुकसान को पूरी तरह से तक पर रख दिए हैं। इसका खामियांजा आम जन को भुगतना पड़ रहा है। लोगों ने अवैध तरीके से संचालित इन मेडिकल स्टरों को जांच कर बंद करने की मांग की है। वहीं अवैध मेडिकल संचालन के संबंध में औषधि निरीक्षक से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो पता चला कि वह सप्ताह में चार दिन जिले पर रूकती हैं । देखना है कि जिला प्रशासन जनहित मैं क्या कार्रवाई करता है