संसद का मानसून सत्र अगले हफ्ते से शुरू हो रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मोदी 3.0 का पहला आम बजट 23 जुलाई, 2024 को पेश करेंगी। आम जनता की नज़रें इस बजट पर टिकी हुई हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि निर्मला सीतारमण इस बजट में आम आदमी के लिए क्या लाएंगी? क्या महंगाई पर काबू पाने के लिए कोई विशेष उपाय किए जाएंगे? क्या नौकरी के अवसरों में इज़ाफ़ा होगा? क्या छोटे व्यापारियों को राहत मिलेगी? क्या किसानों के लिए नए योजनाएं लाई जाएंगी?
यह बजट देश की आर्थिक स्थिति को प्रभावित करेगा, इसलिए यह देखना महत्वपूर्ण है कि वित्त मंत्री इस बजट में क्या खास करती हैं। बजट के माध्यम से सरकार अपनी नीतियों और योजनाओं का ऐलान करती है, जिसका प्रभाव देश के हर नागरिक पर पड़ता है। इस बजट में सरकार अपनी आर्थिक नीतियों का रोडमैप पेश करेगी और देश के विकास के लिए नई दिशा निर्देशित करेगी। मानसून सत्र के दौरान आपदा प्रबंधन कानून में संशोधन सहित छह नए विधेयक पेश किए जाएंगे। वित्त विधेयक के अलावा, सरकार ने 1934 के विमान अधिनियम (Aircraft Act) को बदलने के लिए भारतीय वायुयान विधेयक 2024 को भी सूचीबद्ध किया है।
सत्र के दौरान सूचीबद्ध अन्य विधेयकों में फाइनेंस बिल, डिजास्टर मैनेजमेंट, बॉयलर्स बिल, भारतीय वायुयान विधेयक, कॉफी प्रमोशन एंड डेवलपमेंट बिल और रबर प्रमोशन एंड डेवलपमेंट बिल शामिल हैं। सत्र में डिमांड फॉर ग्रांट्स पर चर्चा और मतदान होगा। इसके अलावा एप्रोप्रिएशन बिल पारित होगा. जम्मू कश्मीर के बजट पर भी चर्चा होगी और बजट पास होगा।
केंद्रीय बजट 2024 से पहले, केंद्रीय सरकारी कर्मचारी एवं श्रमिक परिसंघ के महासचिव एसबी यादव ने भारत सरकार के कैबिनेट सचिव को पत्र लिखकर 8वें वेतन आयोग के गठन की मांग की है। क्या सरकार वापस लाएगी पुरानी पेंशन योजना? जानें ओल्ड पेंशन स्कीम के फायदे.पत्र में पुरानी पेंशन योजना (Old Pension Scheme) को बहाल करने, कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को कोविड-19 महामारी के दौरान रोके गए 18 महीने के महंगाई भत्ते और राहत को जारी करने की मांग भी उठाई गई है।
केंद्रीय वेतन आयोग का गठन आमतौर पर हर दस साल में किया जाता है, ताकि मुद्रास्फीति जैसे कारकों को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के वेतन, भत्ते और लाभों की समीक्षा की जा सके और संशोधन की सिफारिश की जा सक। सातवां वेतन आयोग का गठन पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 28 फरवरी, 2014 को किया था, जिसके बाद 1 जनवरी, 2016 को सातवां वेतन आयोग लागू किया था। यदि दस साल के पैटर्न का पालन किया जाए तो 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू हो जाना चाहिए लेकिन इस पर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
केंद्रीय सरकारी कर्मचारी और श्रमिक परिसंघ ने अन्य मांगों के अलावा 8वें वेतन आयोग का तत्काल गठन करने, नई पेंशन योजना (New Pension Scheme) को खत्म करने, कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को कोविड-19 महामारी के दौरान रोके गए 18 महीने के डीए/डीआर को जारी करने, अनुकंपा नियुक्तियों पर 5 प्रतिशत की सीमा को हटाने, मृतक कर्मचारी के सभी बच्चों/आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति देने और रिक्त पदों को भरने की मांग की।