अब किसान सम्मान निधि केवल उन किसानों को ही मिलेगी जिन्होंने कराया होगा यह काम

100 News Desk
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रामपुर: उप कृषि निदेशक शैलेंद्र कुमार ने बताया कि एग्रीस्टैक परियोजना के अन्तर्गत डिजिटल बेस किसान रजिस्ट्री तैयार की जानी है। इसके लिए पहले चरण में 8 जुलाई 2024 से कृषि और राजस्व विभाग द्वारा गांवों में कैम्प लगाकर फार्मर रजिस्ट्री बनायी जायेंगी। इसके बाद दूसरे चरण में 1 अगस्त, 2024 से यह सुविधा सभी के लिए खोल दी जायेगी जिससे किसान भाई स्वयं या जन सुविधा केन्द्र की सहायता से फार्मर रजिस्ट्री बना सकेंगे।

फार्मर रजिस्ट्री की खास बात यह है कि फार्मर रजिस्ट्री से कृषक की भूमि का विवरण होगा और आधार सहमति से उनको सरकारी योजनाओं का लाभ तुरंत मिलेगा। इससे किसानों को अधिकारियों को बार-बार जरूरी कागजात उपलब्ध कराने से मुक्ति मिलेगी। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की अगली किस्त उन्हीं किसानों को मिलेगी, जिनके द्वारा फार्मर रजिस्ट्री तैयार करा ली जायेगी। इसके लिए 30 सितम्बर, 2024 अन्तिम तिथि निर्धारित की गयी है।

उप कृषि निदेशक ने फार्मर रजिस्ट्री से होने वाले लाभ के बारे में बताया कि पीएम किसान योजना के अंतर्गत किस्त पाने के लिए अनिवार्य शर्तों को पूरा कर लाभ प्राप्त करने में आसानी होगी. इससे किसानों को फसली ऋण हेतु किसान क्रेडिट कार्ड और एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड और कृषि विकास हेतु अन्य ऋण प्राप्त करने में सुगमता होगी. किसानों को फसल बीमा का लाभ पाने में भी आसानी होगी और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद में कृषकों का पंजीकरण ऑनलाइन माध्यम से हो सकेगा.

इसके अन्य फायदों के बारे में उन्होंने बताया कि इससे किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पाने में आसानी होने के साथ किसी भी योजना के लिए किसान के कागजों के बार-बार वेरिफिकेशन की जरूरत नहीं होगी। फार्मर रजिस्ट्री बनवाने के लिए किसान कैंप में जाकर टीम के सदस्य से अपनी आधार ओटीपी आधारित केवाईसी करायेंगे और उसके बाद लेखपाल के पास जाकर अपनी भूमि को चुनेंगे. इसके बाद ई-हस्ताक्षर के जरिए आधार ओटीपी लेखपाल को शेयर कर अपना गोल्डन कार्ड जारी करा लेंगे. फार्मर रजिस्ट्री बनाने की प्रक्रिया बिल्कुल सरल है. केवल किसानों को ही आधार ओटीपी शेयर कर अपनी भूमि को लेखपाल के जरिए चुनना होगा जिससे उनकी फार्मर आईडी बन जायेगी.

फार्मर रजिस्ट्री के लिए जरूरी दस्तावेज

इस प्रक्रिया के लिए अनिवार्य अभिलेखों में किसानों को अपने साथ कैंप में अपने सभी भूखण्डों की खतौनी ले जानी होगी. इसके अलावा किसान को अपना मूल आधार कार्ड ले जाना होगा. किसान का आधार कार्ड उनके मोबाईल नम्बर से लिंक होना अनिवार्य है और उस मोबाइल को भी साथ लेकर जाना होगा जो आधार से लिंक है. उस नंबर पर आने वाली ओटीपी कैम्प में टीम को बताना होगा। उप कृषि निदेशक ने किसानों से अपील की है कि सभी पात्र किसान अपने गांव में आयोजित होने वाले कैंप में शामिल होकर अपनी फार्मर रजिस्ट्री तैयार करा ले, जिससे सभी योजनाओं का लाभ आसानी से पा सकें।

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