Shahjahanpur: जिलाधिकारी ने तहसीलदार सदर को दी विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि

100 News Desk
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शाहजहाँपुर: जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह ने अवगत कराया है कि जनपद में आई भीषण बाढ़ के दृष्टिगत बाढ़ पीड़ितों हेतु संचालित बचाव एवं राहत कार्य के अन्तर्गत बाढ़ पीड़ितों को सूखा राहत किट वितरण कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराया जाना था।

तहसीलदार सदर अरूण कुमार सोनकर द्वारा बचाव एवं राहत कार्य को गम्भीरता से न लेते हुये रुचि नहीं ली गयी, जिसके कारण बाढ़ में तहसील सदर क्षेत्र में मुख्यतः शाहजहाँपुर नगरीय क्षेत्र में बाढ़ पीड़ितों को राशन किट एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं आदि को उपलब्ध कराये जाने में घोर शिथिलता तथा लापरवाही बरती गयी, जबकि आपका दायित्व था कि अपने सघन पर्यवेक्षण में राशन किट एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं को प्राथमिकता के आधार पर वितरण कराया जाता तथा उक्त सूचनाओं को समय से आपदा कन्ट्रोल रुम को उपलब्ध कराया जाता एवं संबंधित आपदा पोर्टल पर दर्ज कराया जाता। किन्तु इस कार्य का निष्पादन भी कुशल ढंग से नहीं कराया गया।

उक्त के अतिरिक्त पूर्व में मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन की अध्यक्ष्यता में दिनांक 14-02-2024 को वीडियो कॉफ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित समीक्षा में 5156 क्रॉप कटिंग प्रयोगों के सापेक्ष मात्र 166 प्रयोग ही ऑन लाइन कराये जाने पर मुख्य सचिव महोदय द्वारा घोर अप्रसन्नता व्यक्त की गयी थी, जिस हेतु क्रॉप कटिंग प्रयोगों में बरती गयी घोर शिथिलता एवं लापरवाही बरते जाने के लिए घोर चेतावनी निर्गत की गयी थी। उक्त के अतिरिक्त लोक सभा सामान्य निर्वाचन-2024 के अन्तर्गत जनपद में हुये मतदान के उपरान्त ई०वी०एम० मशीनों को स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखवाकर उन्हें भारत निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन्स के अनुसार कराकर सीलिंग की कार्यवाही कुशलतापूर्ण निष्पादित करायी जानी थी, किन्तु उक्त कार्य में घोर लापरवाही बरती गयी तथा अपने अधीनस्थ तैनात कर्मचारियों को सीलिंग की कार्यवाही सम्पन्न होने से पूर्व ही छोड़ दिया गया, जिसके कारण सीलिंग कार्य को पूर्ण कराने में अत्यधिक कठिनाई हुई।

इस प्रकार निर्वाचन जैसे महत्वपूर्ण कार्य में बरती गयी शिथिलता एवं लापरवाही हेतु तहसीलदार सदर से स्पष्टीकरण चाहा गया था, किन्तु कोई स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया गया, जो अनुशासनहीनता एवं स्वेच्छाचारिता का द्यौतक है तथा उक्त से स्पष्ट है कि तहसीलदार को इस हेतु कुछ नहीं कहना है। अतः उपरोक्त तथ्यों के आलोक में शासकीय कार्यों में शिथिलता एवं लापरवाही बरते जाने हेतु तहसीलदार सदर को”विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि” प्रदान की जाती है।

रिपोर्ट-जनार्दन श्रीवास्तव

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