महाकुम्भ नगर से प्रदेश को महासौगात: सीएम योगी की अध्यक्षता में आयोजित हुई मंत्रिमंडल की बैठक, 10 प्रस्तावों को मंजूरी

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प्रयागराज: प्रदेश की योगी सरकार ने भी इस महाकुम्भ के जरिए सूबे को ‘महा सौगात’ दे दी है। योगी सरकार के सभी 54 मंत्री बुधवार को महाकुंभ पहुंचे। यहां कैबिनेट की बैठक हुई। धार्मिक क्षेत्रों के विकास से जुड़े बड़े फैसले लिए गए। सबसे बड़ा फैसला नया धार्मिक सर्किट बनाने का लिया गया। इसमें प्रयागराज, वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर, मिर्जापुर और भदोही जिले शामिल होंगे। इससे पहले 2018 के अर्द्धकुंभ में भी योगी कैबिनेट की बैठक हुई थी।

महाकुम्भ नगर से प्रदेश को महासौगात देने के क्रम में अन्य अहम प्रस्तावों में विदेशी कंपनियों को उद्योग स्थापित करने के लिए एफडीआई नीति में योगी कैबिनेट ने अपनी मुहर लगा दी है। इसके अंतर्गत योगी सरकार भूमि पर 80 प्रतिशत तक सब्सिडी देगी। इसके अलावा यूपी औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति में भी बड़े सुधारों की तरफ योगी सरकार ने कदम बढ़ाए हैं।

योगी कैबिनेट में लिए गए 10 बड़े फैसले 

महाकुंभ में कैबिनेट की बैठक में मौजूद सीएम योगी और सरकार के मंत्री।
महाकुंभ में कैबिनेट की बैठक में मौजूद सीएम योगी और सरकार के मंत्री।

1. गंगा एक्सप्रेस-वे का एक्सटेंशन किया गया

SCR की तर्ज पर प्रयागराज-चित्रकूट डेवलपमेंट रीजन के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। गंगा एक्सप्रेस-वे के एक्सटेंशन को मंजूर किया गया। अब यह प्रयागराज से मिर्जापुर-भदोही-वाराणसी-चंदौली-गाजीपुर होते हुए पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जुड़ेगा। वाराणसी से चंदौली और सोनभद्र को जोड़ा जाएगा। इसे प्रयागराज-विंध्य-काशी एक्सप्रेस-वे के रूप में जाना जाएगा। चित्रकूट से प्रयागराज को जोड़ने के लिए गंगा एक्सप्रेस-वे को बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे से जोड़ने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है। रीवा नेशनल हाईवे से जोड़ने के लिए काम किया जाएगा।

2. बलरामपुर, हाथरस, बागपत और कासगंज में मेडिकल कॉलेज खुलेंगे

स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, बलरामपुर की स्थापना के लिए 166 बेड के राजकीय संयुक्त चिकित्सालय, बलरामपुर को चिकित्सा शिक्षा विभाग के पक्ष में निःशुल्क हस्तांतरित करने तथा जनपद बलरामपुर में स्थापित किए जा रहे किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के सेटेलाइट सेन्टर को स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, बलरामपुर में परिवर्तित किए जाने को भी मंजूरी मिली। आम जनमानस को विशिष्ट चिकित्सा सुविधा और युवाओं को चिकित्सा शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने के लिए स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, बलरामपुर को स्थापित करने का निर्णय लिया गया है।

वहीं, बलरामपुर में केजीएमयू के सेटेलाइट सेन्टर को मेडिकल कालेज में परिवर्तित कर उसके संचालन के लिए एमसीआई/एनएमसी मानकों के दृष्टिगत 1394 शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक पदों का सृजन भी किया जा चुका है। हाथरस, बागपत और कासगंज जिले में पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज बनाया जाएगा। कैबिनेट बैठक में तीनों जिलों में मेडिकल कॉलेज बनाने के लिए टेंडर दाखिल करने वाली फर्म के सिलेक्शन के प्रस्ताव भी मंजूरी दी गई है।

3. 25 लाख स्मार्टफोन खरीदने के लिए अंतिम बिड डाक्यूमेंट को स्वीकृति

स्वामी विवेकानन्द युवा सशक्तिकरण योजना के अन्तर्गत निःशुल्क स्मार्टफोन वितरण के लिए योगी सरकार 25 लाख स्मार्टफोन क्रय करेगी। इसके लिए अन्तिम बिड डाक्यूमेंट पर अनुमोदन प्रदान कर दिया गया। यह योजना 5 वर्ष के लिए लागू है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 4000 करोड़ रुपए के बजट का प्राविधान किया गया है। प्रदेश के युवाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाए जाने के लिए स्मार्ट फोन वितरित किए जाने की यह एक अभिनव योजना है। प्रस्ताव पर अनुमोदन से प्रदेश के उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, स्वास्थ्य शिक्षा, कौशल विकास प्रशिक्षण एवं आईटीआई में पंजीकृत कुशल युवावर्ग तकनीकी रूप से सशक्त बनेंगे।

4. Ai और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट सेंटर को भी किया जाएगा प्रोत्साहित

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की स्पष्ट मंशा है कि राज्य में उन कंपनियों के विकास को बढ़ावा दिया जाए जो ए एंड डी में भारत की आत्मनिर्भरता के दृष्टिकोण का समर्थन करती हो। इस नीति के जरिए ए एंड डी सेक्टर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सॉफ्टवेयर विकास केंद्र को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। नीति के अंतर्गत अगले पांच साल में 50 हजार करोड़ के निवेश को आकर्षित करने के साथ ही 1 लाख युवाओं को रोजगार के अवसर मुहैया कराए जाएंगे।

इस नीति के अंतर्गत ए एंड डी सेक्टर की यूनिट्स को फ्रंट एंड सब्सिडी भी प्रदान की जाएगी। इसमें लैंड सब्सिडी, स्टैम्प ड्यूटी एग्जम्पशन और कैपिटल सब्सिडी भी दी जाएगी। साथ ही परिवहन शुल्क पर छूट जैसी सुविधाएं भी योगी सरकार प्रदान करेगी। यही नहीं महिला उद्यमियों को इस नीति के जरिए बड़ी राहत दी जाएगी।

5. यूपी में एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र को सशक्त बनाना है उद्देश्य

महाकुम्भ नगर के त्रिवेणी संकुल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन हुआ। इस दौरान उत्तर प्रदेश एयरोस्पेस तथा रक्षा इकाई एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति 2024 को मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा उत्तर प्रदेश को एक अग्रणी एयरोस्पेस तथा रक्षा केंद्र बनाने पर है, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए स्वदेशी क्षमताओं, नवाचार और वैश्विक सहयोगी को गति मिल सकेगी।

इस नीति का उद्देश्य यूपी में एयरोस्पेस और रक्षा (ए एंड डी) क्षेत्र को सशक्त बनाना है। इसके अंतर्गत यूपी रक्षा औद्योगिक गलियारा (यूपीडीआईसी) में एक मजबूत, विश्व स्तरीय, उच्च प्रौद्योगिकी और कुशल ए एंड डी मैन्यूफैक्चरिंग वातावरण बनाना है। इसके अलावा ए एंड डी क्षेत्र में आधुनिकतम केंद्र विकसित करने के लिए स्टार्टअप और निवेश को भी आकर्षित किया जाएगा।

यही नहीं यूपी रक्षा औद्योगिक गलियारा में स्टार्टअप और एमएसएमई के कौशन और क्षमता विकास के लिए ए एंड डी आधारित सामान्य सुविधा केंद्र बनाने पर भी योगी सरकार ने कदम आगे बढ़ा दिया है। राज्य में प्रमुख ए एंड डी विनिर्माण परियोजनाओं और डीपीएसयू को आकर्षित करना, अनुसंधान को बढ़ावा देना भी इस नीति का प्रमुख हिस्सा है।

बता दें कि रक्षा मत्रालय द्वारा देश में 2025-26 तक एयरोस्पेस तथा रक्षा उत्पादन को दोगुना करके 25 बिलियन यूएस डॉलर और निर्यात को 5 बिलियन यूएस डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। ऐसा आंकलन है कि 2047 तक एयरोस्पेस तथा रक्षा विनिर्माण क्षेत्र देश के सकल घरेलू उत्पाद में 25 प्रतिशत का योगदान होगा। इसे देखते हुए रक्षा मंत्रालय की ओर से देश में दो रक्षा औद्योगिक गलियारे उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में स्थापित किये गये हैं।

6. 62 आईटीआई होंगे अपग्रेड, 5 सीआईआईआईटी की स्थापना

टाटा टेक्नोलॉजी लि. (टीटीएल) के सहयोग से प्रदेश के 62 आईटीआई को अपग्रेड करने और 5 सीआईआईआईटी (सेंटर फॉर इनोवेशन, इन्वेंशन, इंक्यूबेशन एंड ट्रेनिंग) की स्थापना किए जाने के लिए सरकार एवं टीटीएल के मध्य एमओयू की भी मंजूरी दी गई। एमओए के तहत परियोजना की कुल लागत 3634 करोड़ रुपए से ज्यादा है, जिसमें टीटीएल का योगदान 2851 करोड़, जबकि सरकार का योगदान 783 करोड़ से ज्यादा का रहेगा। एमओए की अवधि 11 वर्ष होगी, जिसमें एक वर्ष परियोजना क्रियान्वयन की तैयारी के लिए निर्धारित है।

10 वर्ष की अवधि पूरी होने के बाद दोनों पक्षों की आपसी सहमति से परियोजना को रिन्यू करने पर विचार किया जाएगा। एमओए के तहत इंडस्ट्री 4.0 की मांग के अनुसार टीटीएल द्वारा 62 आईटीआई में 11 लांग टर्म एवं 23 शॉर्ट टर्म कोर्सेज चलाए जाएंगे। टीटीएल के प्रशिक्षकों द्वारा आईटीआई के प्रशिक्षकों और प्रशिक्षणरत प्रशिक्षणार्थियों को भी दक्ष किया जाएगा। सफल प्रशिक्षणार्थियों को टीटीएल की सहयोगी कंपनियों में अप्रेंटिसशिप व रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। इस प्रोजेक्ट के माध्यम से लांग टर्म कोर्सेज में प्रति वर्ष लगभग 6000 तथा शॉर्ट टर्म कोर्सेज से प्रति वर्ष लगभग 6500 समेत कुल 12500 अभ्यर्थी प्रशिक्षित होंगे।

7. प्रोत्साहन नीति के तहत आवंटित भूमि पर सब्सिडी का अनुमोदन

योगी सरकार ने एफडीआई एवं फॉर्च्यून 500 कंपनियों के निवेश के लिए प्रोत्साहन नीति 2023 में अनुमन्य फ्रंड एंड लैंड सब्सिडी के तहत मेसर्स अशोक लीलेंड लि. को आवंटित भूमि पर यूपीसीडा को देय सब्सिडी के भुगतान की भी मंजूरी प्रदान की। सब्सिडी भुगतान के संबंध में इम्पावर्ड कमेटी द्वारा 27 सितंबर की संस्तुति पर अनुमोदन किया गया है।

एफडीआई नीति 2023 के अंतर्गत यूपीसीडा द्वारा अशोक लीलेंड को दी गई भूमि की लागत का 75 प्रतिशत यानी 106.51 करोड़ यूपीसीडा को देय है। इस भुगतान के लिए इम्पावर्ड कमेटी द्वारा संस्तुति प्रदान की गई है। प्रस्तावित परियोजना के अंतर्गत आरंभ में सुविधा की शुरुआत 2500 बस प्रति वर्ष की क्षमता से किया जाएगा। इस सुविधा में एक एक्सीलेंस सेंटर भी सम्मिलित होगा। इसमें लगभग 186 करोड़ रुपए का व्यय होगा। कैबिनेट ने इसका प्रस्ताव भी मंजूर किया है।

8. आगरा में नई आवासीय परियोजना को मंजूरी

योगी सरकार ने आगरा में नवीन आवासीय परियोजना के लिए भी मंजूरी दी है। वहीं, आगरा विकास प्राधिकरण की 100 मी. चौड़ी इनर रिंग रोड एवं लैण्ड पार्सल योजना को भी मंजूर किया है। इसके अलावा आगरा की 442.4412 हेक्टेयर भूमि के वर्ष 2010 के सर्किल रेट और वर्तमान सर्किल रेट के अंतर की धनराशि 204.34 करोड़ की अनुग्रह धनराशि के प्रस्ताव को मंत्रिमंडल ने अनुमोदित कर दिया है।

दूसरी ओर उ०प्र० राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण के औद्योगिक विकास क्षेत्र से ग्राम रहनकलां एवं रायपुर की भूमि को अलग करने के लिए औद्योगिक विकास विभाग की अधिसूचना को तत्सीमा तक संशोधित करने के प्रस्ताव पर भी सहमति प्रदान की गई है। इससे आगरा विकास प्राधिकरण को आवासीय योजना हेतु लैण्ड बैंक उपलब्ध होगा तथा उक्त क्षेत्र का सुनियोजित विकास सुनिश्चित हो सकेगा।

9. प्रत्येक जिले में अभियोजन निदेशालय होगा स्थापित

प्रस्ताव के तहत प्रत्येक जिले में भी जिला अभियोजन निदेशालय स्थापित किया जाएगा। अभियोजन निदेशालय का प्रमुख अभियोजन निदेशक होगा, जो राज्य में गृह विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण के लिए कार्य करेगा। कोई व्यक्ति अभियोजन निदेशक के रूप में नियुक्ति के लिए तभी पात्र होगा, यदि वह अधिवक्ता या अभियोजन के रूप में कम से कम 15 वर्ष तक व्यवसाय में रहा हो, या सेशन न्यायधीश रहा हो।

यह भी प्राविधान किया गया है कि किसी आपराधिक मामले में या भ्रष्टाचार के मामले में या फिर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने में अक्षम पाया जाता है तो उसे राज्य सरकार उनके पद से तीन वर्ष की अवधि पूर्ण होने से पूर्व ही उसकी जिम्मेदारियों से मुक्त कर सकती है।

अपराध मुक्त प्रदेश की संकल्पना को साकार करने के लिए योगी सरकार ने अभियोजन निदेशालय की स्थापना का निर्णय लिया है। महाकुम्भ नगर के अरैल स्थित त्रिवेणी संकुल में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के लागू होने के दृष्टिगत प्रभावी एवं निष्पक्ष अभियोजन के लिए प्रदेश में एक स्वतंत्र अभियोजन निदेशालय स्थापित किया जाएगा, जिसमें एक अभियोजन निदेशक और राज्य सरकार द्वारा निर्धारित अभियोजन उपनिदेशक हो सकेंगे।

मौजूदा अभियोजन निदेशालय का पूरा स्टाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 20 के अंतर्गत स्थापित अभियोजन निदेशालय के रूप में समामेलित हो जाएगा तथा भविष्य में नवस्थापित अभियोजन निदेशालय के लिए अलग से धनराशि आवंटित की जाएगी।

10. HLEC की संस्तुतियों को मिला अनुमोदन

योगी मंत्रिमंडल ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित उत्च स्तरीय प्राधिकृत समिति (HLEC) की अगस्त और सितंबर 2024 को संपन्न बैठक में की गई संस्तुतियों पर भी अनुमोदन प्रदान किया। औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति 2022 के अंतर्गत प्रदेश में मेगा श्रेणी की औद्योगिक इकाइयों के लिए विशेष सुविधाएं और रियायतें दिए जाने का प्राविधान किया गया है। इसके तहत त्रिवेणी इंजीनियरिंग एंड इंडस्ट्रीज लि. मुरादाबाद को पूंजीगत सब्सिडी के रूप में 250 करोड़ तथा गैलेंट इस्पात लि. मिर्जापुर को एसजीएसटी प्रतिपूर्ति के रूप में 10,749 करोड़ रुपए प्रदान किए जाने की स्वीकृति दी गई।

नगर निगम प्रयागराज, वाराणसी और आगरा का म्युनिसिपल बॉन्ड जारी किया जाएगा। कैबिनेट बैठक में तीनों नगर निगम के म्युनिसिपल बॉन्ड जारी करने और इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास निधि से क्रेडिट रेटिंग बढ़ाने के लिए बजट दिलाने के प्रस्ताव भी मंजूर हुए। प्रयागराज में यमुना नदी पर सिग्नेचर ब्रिज के पैरलल एक नए पुल के निर्माण का प्रस्ताव पास किया गया है। इसके अलावा प्रयागराज से मिर्जापुर,जौनपुर, वाराणसी, आजमगढ़ गोरखपुर के कनेक्टिविटी के लिए सलोरी-हेतापट्टी झूंसी के बीच फोरलेन ब्रिज की मंजूरी दी गई है।

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