झांसी अग्निकांड….2 और नवजात बच्चों की मौत, 5 दिन पहले महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के एसएनसीयू वार्ड में लगी थी आग, अब तक 14 जानें गईं

100 News Desk
100 News Desk Jhansi 4 Min Read
4 Min Read

झांसी: महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के एसएनसीयू वार्ड अग्निकांड में रेस्क्यू किए गए दो और बच्चों की मौत हो गई। अब मरने वाले बच्चों की संख्या 14 पहुंच गई है। अभी दोनों शवों को मॉर्च्युरी में रखवाया गया है। दोनों की पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई की जा रही है।

बता दें कि 15 नवंबर की रात करीब साढ़े 10 बजे महारानी लक्ष्मीबाई सरकारी मेडिकल कॉलेज में स्पेशल न्यू बोर्न केयर यूनिट (SNCU) में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर में स्पार्किंग के चलते आग लगी, फिर धमाका हो गया, जिससे आग पूरे वार्ड में फैल गई। वार्ड बॉय ने आग बुझाने के लिए अग्निशमन यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर) चलाया, मगर वह 4 साल पहले ही एक्सपायर हो चुका था, इसलिए काम नहीं किया। सूचना पर फायर ब्रिगेड की 6 गाड़ियां पहुंचीं। खिड़की तोड़कर पानी की बाैछारें मारीं। भीषण आग को देखते हुए सेना को बुलाया गया। करीब 2 घंटे में आग पर काबू पाया गया।

वार्ड की खिड़की तोड़कर 39 बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। जलने से 10 नवजात बच्चों की मौत हो गई थी। इसके बाद दो और बच्चों की मौत हो गई थी। मंगलवार रात को रक्सा थाना क्षेत्र के बजाना गांव निवासी काजल पत्नी बॉबी के बच्चे की मौत हो गई थी। जबकि रक्सा के बमेर गांव निवासी लक्ष्मी पत्नी महेंद्र की बच्चे की आज दोपहर को मौत हो गई। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया कि फरवरी में सेफ्टी ऑडिट हुई थी और जून में मॉकड्रिल, इसलिए आग लगने का पता लगाकर दोषी पर कार्रवाई होगी।

वहीं, अब सामने आया है कि जिलाधिकारी के निर्देश पर चीफ फायर ऑफिसर और सहायक निदेशक विद्युत सुरक्षा ने मेडिकल कॉलेज की अग्नि सुरक्षा ऑडिट की जिसमें तमाम खामियां मिलीं। दोनों अधिकारियों ने इसकी रिपोर्ट सौंपी। सहायक निदेशक विद्युत सुरक्षा ने दो पेज की रिपोर्ट में बताया कि कई जगह पर प्रतिबंधित एल्युमिनियम के तार लगे हुए हैं। कई जगह कॉपर के वायर की इंसुलेशन खराब है। ट्रांसफार्मर से लेकर पैनल तक और वार्ड से ओपीडी तक कई खामियां हैं। रिपोर्ट में जल्द खामियां सुधारने की बात कहते हुए अनहोनी की आशंका भी जताई गई। हैरानी की बात है कि कॉलेज प्रशासन ने ऑडिट रिपोर्ट को गंभीरता से नहीं लिया, जिससे 14 नवजातों की जान चली गई।

सहायक निदेशक विद्युत सुरक्षा सीबी चौबे ने बताया कि जून की ऑडिट रिपोर्ट में मिली खामियों की रिपोर्ट प्रशासन के माध्यम से कॉलेज प्रशासन को भेजी गई थी। रिपोर्ट में खामियों का उल्लेख करते हुए जल्द दुरुस्त करने के लिए कहा गया था। कई जगह प्रतिबंधित एल्युमिनियम तार लगे मिले, जिनके जोड़ों में जंग लगने से शॉर्ट सर्किट हो सकता है। शासन की तरफ से भेजी गई जांच टीम की अध्यक्ष चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक डॉ. किंजल सिंह ने कहा विद्युत सुरक्षा की ऑडिट रिपोर्ट में प्रतिबंधित एल्युमिनियम वायर के प्रयोग की बात है। इसके चलते चार वर्ष की ऑडिट रिपोर्ट जांच के लिए ली है। ट्रांसफार्मर से लेकर पैनल तक कई खामियों का भी उल्लेख है। कॉलेज प्राचार्य से पूछा है कि ऑडिट रिपोर्ट को लेकर क्या कदम उठाए गए।

Share This Article
Follow:
NewsDesk is our dedicated team of multimedia journalists at 100 News UP, delivering round-the-clock coverage of breaking news and events uttar pradesh. As your trusted news source, NewsDesk provides verified updates on politics, business, current affairs, and more.
Leave a Comment

Leave a Reply

Exit mobile version