हरदोई: जिला कृषि अधिकारी सतीश चन्द पाठक ने बताया है कि जनपद के उर्वरक विक्रेताओं को उर्वरक आपूर्ति एवं वितरण की आई०एफ०एम०एस० पोर्टल पर समीक्षा की गयी तो पाया गया कि कई उर्वरक विकेताओं द्वारा उर्वरक कां व्यापार नहीं किया जा रहा है किन्तु उनकी रिटेलर आई०डी० आई०एफ०एम०एस० पोर्टल पर इनएक्टिव/चल रही है।
जॉचोपरान्त यह स्पष्ट रूप से पाया गया कि सम्बन्धित उर्वरक विकेताओं द्वारा अपनी रिटेलर आई०डी० पोर्टल पर अपडेट न कराने एवं विगत कई माहों से उर्वरक का व्यापार नहीं किया जा रहा है परन्तु सीजन के समय एकाएक उर्वरक का व्यापार करने लगते है, जिससे कृषको को गुणवत्ता युक्त उर्वरक आपूर्ति में संसय रहता है को दृष्टिगत रखते हुये 668 उर्वरक विकेताओं के उर्वरक प्राधिकार पत्र तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिये गये है।
सम्बन्धित उर्वरक विकेताओं को निर्देशित दिया गया है कि वह तत्काल अपनी पी०ओ०एस० मशीन कार्यालय मे जमा करे और अब किसी भी प्रकार के उर्वरक का व्यापार न करे, बिना लाईसेंस के कोई भी व्यक्ति उर्वरक का व्यापार करते हुये पाया जाता है तो उस विक्रेता के विरूद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 व आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के अन्तर्गत विधिक कार्यवाही की जायेगी।
उन्होंने बताया कि निरस्त किये गये उर्वरक प्राधिकार के उर्वरक विकेताओं की रिटेलर आई०डी० निरस्त किये जाने हेतु कृषि निदेशालय (उर्वरक अनुभाग), उ०प्र० कृषि भवन लखनऊ को पत्र प्रेषित कर दिया गया है।
रिपोर्ट-जनार्दन श्रीवास्तव