हरदोई: जहरीला पशु चारा से किसानों को बड़ा नुकसान हुआ है। ज्ञानधारा पशु आहार खाने से अब तक 26 भैंसों की मौत हो चुकी है, जबकि 40 से अधिक भैंसें गंभीर रूप से बीमार हैं। सबसे ज्यादा नुकसान बावन ब्लॉक के तेरिया गांव में किसान जागेश्वर को हुआ, जिनकी 8 भैंसें मात्र 24 घंटे में मर गईं। बिलग्राम विकासखंड के नूरपुर हथौड़ा में पशुपालक लालाराम की तीन भैंसों की मौत हुई। इसी तरह पाली और नूरपुर हथौड़ा में भी 4-4 भैंसें मृत पाई गईं। अरवल थाना क्षेत्र के ढका पुरवा गांव में रामखेलावन की तीन भैंसें भी इसी पशु आहार से बीमार होकर आठ दिन में मर गईं।
डीएम एमपी सिंह ने मामले की जांच के आदेश दिए। भारतीय पशु अनुसंधान संस्थान, इज्जतनगर (बरेली) की जांच रिपोर्ट में पशु आहार में कीटनाशक की पुष्टि हुई। इसके बाद प्रशासन ने ज्ञानधारा पशु आहार कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जिले में इसकी बिक्री पर रोक लगा दी। हालांकि, प्रशासनिक रोक के बावजूद गोपामऊ क्षेत्र में इस जहरीले पशु आहार की बिक्री जारी रही, जिसका वीडियो भी सामने आया। प्रशासन ने मृत भैंसों का पोस्टमार्टम कराया है, लेकिन अभी तक किसानों को हुए नुकसान की भरपाई का कोई निर्णय नहीं लिया गया है।