दिल्ली: शहर के ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित राव IAS कोचिंग सेंटर में शनिवार को हुए हादसे को लेकर ABVP कार्यकर्ताओं ने मेयर शैली ओबेरॉय के आवास के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया। ABVP छात्रों के प्रदर्शन से शेली ओबेरॉय के घर के बाहर अफरा-तफरी मच गई। सोसाइटी गेट के बाहर शेली ओबेरॉय के बोर्ड पर काला पेंट लगाया गया है। ABVP के छात्र दिल्ली नगर निगम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए मेयर के आवास के बाहर एकत्र हुए हैं।
छात्र आरोप लगा रहे हैं कि यह सब एमसीडी की लापरवाही के कारण हुआ है। ABVP कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए यहां भारी पुलिस बल तैनात किया गया है, वे आप, सीएम केजरीवाल और मेयर शेली ओबेरॉय के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। RAU’S IAS कोचिंग सेंटर में 3 छात्रों की मौत का जिम्मेदार कौन? कोचिंग हादसे पर दिल्ली के LG ने मांगी रिपोर्ट, बोले- राजधानी में ऐसी घटना दुर्भाग्यपूर्ण दिल्ली सरकार ने कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में हुई घटना पर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
हादसे में तीन स्टूडेंट्स की मौत
बता दें कि दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर में राव आईएएस कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में शनिवार शाम को बारिश के बाद पानी भरने से दर्दनाक हादसे में तीन स्टूडेंट्स की मौत हो गई थी। इस केस में पुलिस ने हादसे की जांच के लिए FIR दर्ज की है और कई टीमें गठित की हैं। पुलिस ने कोचिंग सेंटर के मालिक अभिषेक गुप्ता और कॉर्डिनेटर को गिरफ्तार कर लिया है।
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कोचिंग संचालक बिना परमिशन चला रहा था लाइब्रेरी
पुलिस की FIR में इस बात का उल्लेख है कि सड़क पर जल निकासी व्यवस्था उचित नहीं थी, इसके कारण सड़क पर जल जमाव हुआ और बाद में पानी बेसमेंट में घुस गया। कोचिंग सेंटर के मालिक अभिषेक गुप्ता ने स्वीकार किया है कि बेसमेंट में जल निकासी की कोई व्यवस्था नहीं थी, जिसके कारण दुर्घटना हुई। अभिषेक गुप्ता से पुलिस ने बेसमेंट में लाइब्रेरी की परमिशन के डॉक्यूमेंट मांगे, जो कि अभिषेक के पास नहीं थे. अभिषेक ने कबूल किया कि बेसमेंट में ड्रेनेज की कोई व्यवस्था नहीं थी।
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मंत्री आतिशी ने जांच शुरू करने का दिये निर्देश
दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी ने मुख्य सचिव को तत्काल मजिस्ट्रेट जांच शुरू करने का निर्देश देते हुए 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपने का अल्टीमेटम दिया है। आतिशी ने मुख्य सचिव से कहा कि जिन लोगों की लापरवाही के कारण यह घटना हुई है, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, जो भी दोषी पाया जाए, उसे बख्शा नहीं जाना चाहिए और उनके खिलाफ प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जानी चाहिए।