हरदोई। PCS अधिकारी व सवायजपुर की एसडीएम (उपजिलाधिकारी) डॉ. अरुणिमा श्रीवास्तव राजस्व न्यायालय के मुकदमों की पत्रावलियों में छेड़छाड़ की दोषी पाई गई हैं। नियुक्ति विभाग ने उनके खिलाफ जांच के आदेश दे दिए हैं। कमिश्नर लखनऊ IAS रौशन जैकब मामले की जांच करेंगी। यह कार्रवाई हरदोई डीएम एमपी सिंह की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है।
क्या है पूरा मामला
एसडीएम अरुणिमा श्रीवास्तव पर आरोप है कि सवायजपुर में तैनाती के दौरान उन्होंने राजस्व न्यायालय में चल रहे मुकदमों की पत्रावलियों में हेरफेर की। इसके चलते कई मामलों में न्याय प्रक्रिया प्रभावित हुई। उनकी संदिग्ध गतिविधियों के चलते उनका एक कथित ऑडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें उनके व्यवहार और कार्यशैली को लेकर सवाल उठाए गए थे। डीएम मंगला प्रसाद सिंह ने अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट में इन आरोपों की पुष्टि की। उनकी रिपोर्ट नियुक्ति विभाग को भेजी गई, जिसके आधार पर एसडीएम अरुणिमा श्रीवास्तव के खिलाफ कार्रवाई की गई।
जानकारी के अनुसार नियुक्ति विभाग ने उनके खिलाफ उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली-1999 के नियम-7 तहत जांच के आदेश दे दिए हैं। इस नियम के तहत होने वाली जांच में दोषी पाए जाने पर बर्खास्तगी तक का प्रावधान है। जारी किये गए जांच के आदेश में कहा गया है कि, सवायजपुर की उप जिलाधिकारी रहते डॉ. अरुणिमा श्रीवास्तव ने अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं किया। हरदोई के डीएम ने राजस्व न्यायालय की वाद पत्रावलियों में छेड़छाड़ किए जाने, पत्रावलियों का रखरखाव सही ढंग से न किए जाने और उनके कार्यों से शासन व प्रशासन की छवि धूमिल किए जाने को लेकर उन पर कार्रवाई की संस्तुति की है।
गंभीर कदाचार में प्रथमदृष्टया दोषी पाए जाने के मद्देनजर डॉ. अरुणिमा के खिलाफ नियम-7 के तहत अनुशासनात्मक कार्यवाही के आदेश दिए गए हैं। वर्तमान में डॉ. अरुणिमा श्रीवास्तव हरदोई के संडीला में एसडीएम हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस आदेश की प्रति हरदोई के डीएम कार्यालय को भेज दी गई है। इसमें डीएम को निर्देश दिए गए हैं कि वे डॉ. अरुणिमा श्रीवास्तव के खिलाफ सुबूत समेत आरोपपत्र 15 दिन के भीतर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।