सुलतानपुर। जनपद में बहुचर्चित सेवानिवृत सीएमओ डॉ. ओपी चौधरी के भ्रष्टाचार का जिन्न उनके पद पर रहते हुए तो कम और विदा होने के बाद ज्यादा सामने आया है। जिनको हरिश्चन्द्र बताने का कार्य जिले के एक साहब भी कर रहे थे। सेवानिवृत सीएमओ डॉ. चौधरी ने अपने चहेते उमा ट्रेवलर्स एजेंसी को वाहनों का टेंडर दे रखा है। हैरत की बात ये है कि लगातार चार वर्षों से इस कंपनी के नाम टेंडर चलता चला आया। जबकि शासन का निर्देश है कि एक कंपनी को दो वर्ष से अधिक टेंडर नहीं दिया जा सकता।
ऐसे में सवालिया ? प्रश्न ये है नियम को ताक पर रखकर सीएमओ ने टेंडर दिया तो क्या बिना किसी लाभ के..?..ऐसा किया ? उक्त फर्म जिस महिला के नाम पर है और जिसके नाम से जीएसटी है वो एक आंगनवाड़ी केंद्र पर तैनात है और सरकार से मानदेय ले रही है। स्वयं उसके पति के नाम से भी फर्म रजिस्टड है। यही नहीं उसका पति अमेठी के एक ब्लॉक पर संविदा पर बीपीएम के पद पर तैनात है। दोनों एक छत के नीचे रहते हैं ऐसा प्रधान द्वारा जारी आवास प्रमाण पत्र में उल्लेख है।
ऐसे में अगर जांच हुई तो भ्रष्टाचार के मामले में महिला और इनके पति और तत्कालीन सेवानिवृत सीएमओ पर एफआईआर और जेल जाना तय है। ऐसे स्वास्थ्य अधिकारी सरकार में कार्य कर प्रशासन को ठेंगा दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ा है….क्रमशः…