लंदन से पढ़ी इकरा हसन UP की कैराना सीट से लड़ रही हैं चुनाव, बोलीं- बहुत ही अप्रत्याशित ढंग से हुई राजनीति में उनकी एंट्री……

100 News Desk
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इकरा हसन

कैराना: यूपी में लोकसभा चुनाव 2024 के लिए चुनाव प्रचार चरम पर है। पश्चिमी यूपी की कैराना सीट से समाजवादी पार्टी से इकरा हसन चुनाव लड़ रही हैं। इकरा हसन ने लंदन से मास्टर कोर्स किया है और वहीं से पीएचडी कर रही थीं लेकिन नसीब को कुछ और ही मंजूर था। अब वह कैराना की गलियों में घूम-घूमकर अपने लिए वोट मांग रही हैं। दिल्ली के एलएसआर कॉलेज से ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के बाद इकरा हसन अंतरराष्ट्रीय राजनीति और लॉ में मास्टर डिग्री हासिल करने के लिए लंदन चली गई थीं। उनके पिता मनव्वर हसन और मां तबस्सुम भी सांसद रहे हैं।

इकरा ने बताती हैं कि राजनीति में उनकी एंट्री बहुत ही अप्रत्याशित ढंग से हुई। वह कहती हैं, “मेरे कुछ और सपने थे। मैंने लंदन से मास्टर्स किया और 2020 में पीएचडी के लिए नामांकन करा लिया था लेकिन कोरोना के चलते मैं कुछ दिनों के लिए घर आ गई और तब से यहीं पर हूं।” वह बताती हैं, कि ‘2021 में मेरे भाई नाहिद और मेरी मां को जेल हो गई। घर की स्थिति बहुत ही संकटपूर्ण हो गई। मेरी मां और मेरे भाई को झूठे केस में फंसाया गया। नाहिद का चुनाव बहुत नजदीक था, इसलिए मुझे घर पर रुकना पड़ा और मदद करनी पड़ी क्योंकि वह जेल में था। इस तरह से राजनीति में मेरे आने की शुरुआत हुई।

उन्होंने बताया कि मेरे भाई को जेल से बाहर आने में पूरा एक साल का समय लगा, इसलिए पिछले एक साल से, उनकी विधायकी से जुड़े सभी कामकाज मैंने ही देखे। इस दौरान, लोगों से मेरा जुड़ाव हो गया और अब मुझे लोगों की सेवा करना अच्छा लगने लगा. अब मैं चुनाव लड़ रही हूं और मुझे अपनी जीत की पूरी उम्मीद है।

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कैराना में मुस्लिमों की आबादी सबसे ज्यादा है। कुछ साल पहले कैराना पूरे देश में सुर्खियों में तब आया था जब यहां ‘हिंदुओं के पलायन’ का हल्ला मचा था। इस बारे में इकरा कहती हैं, ‘कैराना से कभी हिंदुओं का पलायन नहीं हुआ। बात दरअसल यह है कि कुछ हिंदू परिवार बड़े शहरों में अपने व्यवसाय के सिलसिले में चले गए। यह एक स्वभाविक प्रकिया है और यह हर जगह होती है। यह केवल कैराना में नहीं हुई।’

वह आगे कहती हैं, ‘बीजेपी ने इसे बड़ा मुद्दा बना लिया और इस मुद्दे के सहारे वोट हासिल करने की कोशिश की। यह एक प्रोपेगैंडा था, जिसे 2017 और 2022 के चुनाव में यहां के लोगों ने नकार दिया। अब तो स्थानीय मीडिया ने भी इस मुद्दे पर ध्यान देना बंद कर दिया है क्योंकि यह कोई मसला ही नहीं है।’ गौरतलब है कि 2017 और 2022 के विधानसभा चुनाव में कैराना सीट से इकरा हसन के भाई नाहिद हसन ने जीत दर्ज की थी। 2022 में नाहिद ने यह चुनाव जेल से जीता था।

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