Hardoi News: बर्ड फ्लू की रोकथाम हेतु रैपिड रिस्पान्स टीमें आपात स्थिति से निपटने हेतु सतर्क रहें -डॉ सिंह

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हरदोई: मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डा0 अशोक कुमार ने जनपद में नियुक्त समस्त उप पशु चिकित्सा अधिकारी व पशु चिकित्सा अधिकारियों से कहा है कि निदेशक, प्रशासन एवं विकास, पशुपालन विभाग के द्वारा शहीद अशफाक उल्ला खाँ प्राणी उद्यान गोरखपुर के टाइगर में एवियन इन्फ्लूऐन्जा वायरस के पाजीटिव होने की पुष्टि होने पर (बर्ड फ्लू) की रोकथाम हेतु रैपिड रिस्पान्स टीमों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने हेतु सतर्क रहने के निर्देश दिये गये है।

और जनपद में स्थापित पोल्ट्री फार्मों की सूची अद्यतन करते हुए पक्षियों की संख्या का विवरण तथा पक्षियों के जनपद में आपूर्ति का स्थान, मुख्यालय से दूरी दर्शाते हुए तैयार की जायेगी जिससे कि आपात स्थिति में त्वरित कार्यवाही की जा सके और जनपद स्तरीय टास्कफोर्स के सदस्यों से समन्वय बनाते हुए वे किसी भी आपात स्थिति से निपटने हेतु सतर्क रहेगें।

उन्होंने बताया कि पोल्ट्री एवं प्रवासी पक्षियों का गहनतापूर्वक एवं गम्भीरतापूर्वक सर्विलॉन्स किया जाय इस हेतु बैकयार्ड पोल्ट्री फार्म, पोल्ट्री दुकान/बाजार प्रवासी पक्षियों के मार्ग वन्य जीव अभ्यारण्य पक्षी अभ्यारण्य, नेशनल पार्क, जलाशय,अंतरराष्ट्रीय /अंतरराज्यीय सीमा से लगे क्षेत्रों का लगातार सर्विलॉन्स किया जायेगा तथा विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा कुक्कुट पालकों से लगातार सम्पर्क स्थापित किया जायेगा जिससे कि पक्षियों में किसी भी असामयिक बीमारी एवं मृत्यु की दशा में तत्काल सूचना विभाग को मिल सके।

जनपद में जहाँ अधिक कुक्कुट इकाईयां हैं, वहाँ पर विशेष सतर्कता बरती जाय। बायरोलॉजिकल एवं सीरोलॉजिकल सर्विलॉन्त हेतु पक्षियों से क्लोएकल स्वैब एवं ओरोफेरेन्जियल स्पैब तथा सीरम सैम्पुल तथा प्रवासी पक्षियों के फ्रेश बीट (फीकल) सैम्पल उचित पैकिंग में कैडरेड प्रयोगशाला आई०यी०आर०आई०, इज्जतनगर, बरेली नियमित रूप से प्रेषित किये जाये तथा कृत कार्यवाही से निदेशालय को ई-मेल  uppoultrypolicy2013@yahoo&com  के माध्यम से अवगत कराए और पशुपालन विभाग के अधिकारी वन विभाग के अधिकारियों के साथ लगातार सम्पर्क में रहें जिससे कि वन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के पक्षियों की आकस्मिक एव आसाधारण मृत्यु के मामले में तत्काल कार्यवाही की जायेगी तथा एवियन इन्फ्लूएन्जा की किसी भी स्थिति से निपटने हेतु समस्त सामग्री/उपकरणों की व्यवस्था सुनिश्चित रहेगी एवं पोल्ट्री फारमर्स, पोल्ट्री व्यापार से जुड़े व्यक्तियों द्वारा तथा वाइल्ड लाइफ क्षेत्र में पक्षियों के अचानक बीमार पड़ने व मृत्यु की सूचना निकटतम पशु चिकित्सा अधिकारी को आवश्यक रूप में दी जायेगी जिससे एक्शन प्लान के अनुसार कार्यवाही की जायेगी।

डा0 सिंह ने बताया कि जनपद में कहीं भी पक्षियों की असामयिक एवं आकस्मिक मृत्यु की सूचना मिलने पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी द्वारा स्थान का भ्रमण किया जाय। भ्रमण के समय पी०पी०ई० किट का प्रयोग किया जायेगा और संक्रमण के स्थान से पक्षियों एवं मनुष्यों का परिगमन प्रतिबन्धित किया जायेगा, एवियन इन्फ्लूएन्जा बीमारी के संदेह होने की स्थिति में किसी भी पक्षी का शव विच्छेदन नहीं किया जायेगा तथा रोगी पक्षियों की प्रारम्भिक जाँच के उपरान्त रोग की आशंका होने पर कम से कम 05 पक्षी (हाल में मृत तथा रोगी पक्षियों को मारने के पश्चात), 10 स्वस्थ्य पक्षियों के क्लोएकल एवं ओरोफरेन्जियल/ट्रक्यिल स्वैब सैम्पुल तथा 10 पक्षियों के सीरम सैम्पल राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान आनन्द नगर, भोपाल को उचित पैकिंग में विशेष वाहक के द्वारा प्रेषित किये जाय तथा इसकी सूचना संयुक्त सचिव (एल०एच०), पशुपालन एवं डेयरी विभाग, भारत सरकार को भी प्रेषित की जाय।

बार्डर एरिया पर स्थित वेट मार्केट, वाटर-बॉडीज, जगली/प्रवासी पक्षियों के रहने के स्थान, एवं अधिक संख्या में बत्तख पालन वाले क्षेत्र में सर्विलान्स करने की विशेष आवश्यकता है। प्रवासी पक्षी एवियन इन्फ्लूएन्जा बीमारी के संक्रमण को फैलाने में एक बड़ा रोल प्ले करते हैं। इन क्षेत्रों में जहां पर प्रवासी पक्षियों का शीतऋतु में आवागमन लगा रहता है. वहां पर कड़ी निगरानी रखी जायेगी।

रिपोर्ट-जनार्दन श्रीवास्तव

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