Shyam Benegal: श्याम सुंदर बेनेगल का जन्म 14 दिसंबर 1934 में हैदराबाद में ब्राह्मण परिवार में हुआ था। फिल्मों की दुनिया में कदम रखने से पहले उन्होंने अर्थशास्त्र में पढ़ाई की, लेकिन आगे उन्होंने फोटोग्राफी शुरू कर दी। बॉलीवुड की दुनिया में उन्हें आर्ट सिनेमा का जनक भी माना जाता है। जब वे बारह साल के थे, तब उन्होंने अपने फोटोग्राफर पिता श्रीधर बी. बेनेगल के दिए गए कैमरे पर अपनी पहली फिल्म बनाई थी।
2010 में राष्ट्रपति ने रजत कमला अवॉर्ड से किया था सम्मानित
2010 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने श्याम बेनेगल को रजत कमला अवॉर्ड से सम्मानित किया था।हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की ओर रुख करने से पहले उन्होंने कई ऐड एजेंसियों के लिए काम किया। बॉलीवुड में बतौर निर्देशक श्याम ने अपनी शुरुआत ‘अंकुर’ से की थी। उनकी पहली फिल्म ने 43 अवॉर्ड जीते थे। इसके बाद ‘मंथन’, ‘कलयुग’, ‘निशांत’, ‘आरोहण’ और ‘जुनून’ जैसी कई यादगार फिल्में बनाईं।
पद्म श्री और पद्म भूषण से सम्मानित हो चुके Shyam Benegal
फिल्म जगत को दिए योगदान के लिए उन्हें 1976 में पद्मश्री और 1991 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। इसके अलावा इनके खाते में 8 नेशनल अवॉर्ड हैं। सबसे ज्यादा नेशनल अवॉर्ड जीतने का रिकॉर्ड इन्हीं के नाम है। 1991 में भारत सरकार ने इन्हें पद्म भूषण से भी नवाजा। बेनेगल को 2005 में भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े सम्मान दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड भी दिया गया।
श्याम की फिल्मों ने 8 नेशनल अवॉर्ड जीते
श्याम बेनेगल ने जुबैदा, द मेकिंग ऑफ द महात्मा, नेताजी सुभाष चंद्र बोसः द फॉरगोटन हीरो, मंडी, आरोहन, वेलकम टु सज्जनपुर जैसी दर्जनों बेहतरीन फिल्में बनाई हैं। उनकी फिल्मों ने 8 नेशनल अवॉर्ड जीते हैं। उन्हें दादा साहब फाल्के सम्मान भी मिल चुका है।