प्रयागराज. लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को प्रयागराज में संविधान सम्मान सम्मेलन को संबोधित किया. राहुल गांधी ने अपने करीब आधे घंटे के संबोधन में जातीय जनगणना, दलित आरक्षण और संविधान के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा. राहुल गांधी ने कहा कि 90 फ़ीसदी वालों की उपेक्षा होती है, उनके लिए सिस्टम में भी जगह नहीं है. जातीय जनगणना का मीडिया में बैठे लोग भी विरोध करते हैं लेकिन जातीय जनगणना एक्स रे की तरह है. राहुल गांधी ने कहा है कि अब जाति जनगणना को नहीं रोका जा सकता है. क्योंकि जनता ने जातीय जनगणना कराने का मन बना लिया है और जनता ने आर्डर भी सुना दिया है.
राहुल गांधी ने इस मौके पर कहा कि इस देश के सच्चाई है कि जिनके पास हुनर है, उनका कोई सम्मान नहीं है. उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान में स्किल की कोई कमी नहीं है. लेकिन आईटीआई में बढ़ई तैयार हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि देश में जो बढ़ई हैं उनसे ही बढ़ई तैयार किये जा सकते हैं. सरकार को इसके लिए सर्टिफिकेशन सेंटर खोलने चाहिए. उन्होंने कहा कि कामगारों को दुकानों में ही ट्रेनिंग मिलनी चाहिए.
राहुल गांधी ने इस मौके पर जातीय जनगणना की मांग एक बार फिर से उठायी. उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा है कि यह आर्डर अब प्रधानमंत्री मोदी को कबूल कर लेना चाहिए. उन्होंने कहा है कि अगर पीएम मोदी यह आर्डर नहीं मानेंगे तो दूसरे प्रधानमंत्री को जातीय जनगणना करनी पड़ेगी. यह राजनीतिक की नहीं बल्कि आईडियोलॉजिकल लड़ाई है. राहुल गांधी ने जातीय जनगणना ही नहीं बल्कि 50 फीसदी आरक्षण को भी बढ़ाने की बात कही है.
उन्होंने कहा कि 50 फ़ीसदी आरक्षण को वह बढ़ाकर रहेंगे और लोगों को समान अधिकार दिलाएंगे. राहुल गांधी ने यहां तक कहा कि अगर जातीय जनगणना के मुद्दे को उठाने से उन्हें राजनीतिक नुकसान भी होगा. इसके बावजूद भी वह इस मुद्दे को उठाते रहेंगे और कतई पीछे नहीं हटेंगे. राहुल गांधी ने कहा कि मेरी दादी इंदिरा गांधी मुझसे कहा करती थी कि मैं चाहती हूं कि लोग मुझे याद ना करें. क्योंकि मैं याद रखने के लिए काम नहीं करती. बल्कि याद रखने लायक काम करती हूं.
इस मौके पर राहुल गांधी ने देश की तुलना एक दस सिलेंडर के इंजन से करते हुए कहा कि कि देश सिर्फ एक सिलेंडर से चल रहा है. जबकि इंजन के नौ सिलेंडर नहीं चल रहे हैं. उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में जातीय जनगणना का डाटा ना होना दुर्भाग्यपूर्ण है. राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश के प्रमुख 25 व्यक्तियों के 16 लाख करोड़ का कर्ज माफ किया है. लेकिन दुर्भाग्य से इसमें एक भी पिछड़ा,दलित और आदिवासी व्यक्ति नहीं है.
राहुल गांधी ने कहा कि बॉलीवुड, प्रमुख पदों और मीडिया में भी पिछड़ा, दलित और आदिवासी ना के बराबर हैं. इस मौके पर पीएम मोदी के लैट्ररल एंट्री को लेकर भी निशान साधा. उन्होंने कहा कि लैट्ररल इंटरव्यू में भी 90 फ़ीसदी वालों की उपेक्षा होती है. राहुल गांधी ने कहा कि बॉलीवुड में भी 90 फ़ीसदी वालों के लिए कोई जगह नहीं है. कोई भी ओबीसी, दलित और आदिवासी महिला कभी मिस इंडिया नहीं बनी. इस मौके पर राहुल गांधी ने कहा कि न्यायपालिका का भी यही हाल है.
राहुल गांधी ने कहा संविधान नहीं होगा तो लोकतंत्र भी खत्म हो जाएगा. इसलिए जातीय जनगणना संविधान को मजबूत करने और उसकी रक्षा करने का काम करेगा. राहुल गांधी ने संविधान को गरीबों किसानों और मजदूरों का रक्षक बताया है. राहुल गांधी ने कहा कि जातीय जनगणना पॉलिसी मेकिंग का फाउंडेशन है. इसे सिर्फ आबादी की जानकारी नहीं मिलेगी. बल्कि भागीदारी से पहले आबादी के बारे में पता होना चाहिए. अंत में राहुल गांधी ने कहा कि वह 50 फ़ीसदी आरक्षण को भी खत्म करेंगे.
उन्होंने कहा कि इंजन के सभी 10 सिलेंडर चलने चाहिए तभी देश आगे बढ़ सकता है. राहुल गांधी शनिवार को सिविल सोसाइटी द्वारा आयोजित संविधान सम्मान सम्मेलन में शिरकत करने पहुंचे थे. इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन के कन्वेंशन सेंटर में आयोजित संविधान सम्मान समारोह में राहुल गांधी ने करीब आधे घंटे के अपने संबोधन में जातीय जनगणना, संविधान और दलित, ओबीसी और आदिवासियों के आरक्षण पर बात की.