Mathura News: थाना बरसाना क्षेत्र के करहला गांव रोड स्थित हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना करने वाले साधु रामदास उर्फ बिहारी की सोमवार रात को धारदार हथियार से निर्मम हत्या कर दी गई। मंगलवार सुबह उनका शव मंदिर के समीप खेत में पड़ा मिला, जिससे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मृतक पिछले 20 वर्षों से मंदिर में रहकर पूजा कर रहे थे।
जानकारी के अनुसार, साधु रामदास उर्फ बिहारी बिहार के छपरा जिले से करीब दो दशक पूर्व बरसाना आए थे और करहला रोड स्थित खेत मालिक राधारमण दास उर्फ राजू कटारा के शिष्य बनकर वहीं बने आश्रम में रहने लगे थे। इसके बाद से ही उन्हें मंदिर की सेवा और पूजा की जिम्मेदारी दी गई थी।
बताया जा रहा है कि सोमवार रात साधु रामदास का सेवानिवृत्त फौजी प्रताप सिंह से आश्रम में रहने को लेकर विवाद हुआ था। इस विवाद की लिखित शिकायत साधु ने थाना बरसाना में दी थी। अगले ही दिन सुबह उनका शव मंदिर से कुछ दूरी पर खेत में पड़ा मिला।
शव के सिर पर धारदार हथियार से गहरे वार किए गए थे, वहीं गुप्तांग पर भी हमला किया गया, जिससे घटना की निर्ममता का अंदाज़ा लगाया जा सकता है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। मृतक के गुरु राधारमण दास ने आरोप लगाया है कि सेवानिवृत्त फौजी प्रताप सिंह आश्रम पर कब्जा करना चाहता था।
राधारमण ने बताया कि प्रताप सिंह से उनकी जान-पहचान पांच साल पहले दिल्ली में हुई थी और पिछले साल वह आश्रम में 15 दिन तक रुका भी था। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी देहात त्रिगुण बेसन ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और बताया कि मृतक के गुरु की तहरीर और बयान के आधार पर फौजी प्रताप सिंह की भूमिका की जांच की जा रही है।
जल्द ही घटना का खुलासा किए जाने की बात भी उन्होंने कही। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र कर जांच में जुट गई है। आश्रम पर कब्जे को लेकर हुए इस विवाद ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।