दिवाली की मिठाई में मिलाने वाले थे 650 किलो सडा खोवा 335 किलो खराब ड्राई फ्रूट्स

100 News Desk
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Lucknow News: लखनऊ में दिवाली के दौरान मिलावट खोरी रोकने के लिए एफएसडीए की टीमों ने खराब खाद्य सामग्री जप्त की। खोवा मंडी में बदबूदार खोवा और कोल्ड स्टोरेज से खराब ड्राई फ्रूट्स नष्ट किया। काकोरी में ताले में मिठाई बनाते कारखाने की जांनकारी हुई। जहां मिल्क पाउडर से बन रही थी मिठाइयां।

दीपावली नजदीक आने के साथ ही मिलावट खोरी और खराब खाद्य सामग्री खपाने का खेल शुरू हो गया है। मिलावट खोर चंद रूपये के लालच में लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने से चूक नहीं रहे हैं। ऐसे लोगों पर लगाम कसने के लिए एफएसडीए ने कवायद शुरू कर दी है।

एफएसडीए की टीमों ने शुक्रवार को खोवा मंडी में जांच के दौरान 50 किलो बदबूदार खोया नष्ट करवाने के साथ ही कोल्ड स्टोरेज में रखा 335 किलो खराब ड्राई फ्रूट्स भी नष्ट करवाया। इसके साथ ही बड़ी मात्रा में खराब ड्राई फ्रूट्स व रंग मिली हल्दी सीज करते हुए 14 नमूने भी जांच के लिए भेजें।

टेढ़ी पुलिया मंडी में टीम ने आमिर और अरविंद का खोवा चेक किया। दुर्गंध आने पर सैंपल जांच के लिए भेजने के साथ ही खोवा नष्ट करवा दिया गया। वहीं ऐशबाग स्थित स्वरूप कोल्ड स्टोरेज में रकाबगंज के आरिफ ट्रेडिंग कंपनी का 154 किलो अखरोट और 181 किलो खजूर नष्ट करवाए गए। फंगस लगने के साथ ही ड्राई फ्रूटस का रंग भी काला पड़ चुका था।

सीएफएसओ जेपी सिंह ने बताया की ड्राई फ्रूट्स खाने लायक नहीं थे। नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। इसके साथ ही ऐशबाग स्थित स्वरूप कोल्ड स्टोरेज से अमन ट्रेडिंग कंपनी की 149 किलो किशमिश ड्राई फ्रूट मार्ट गोमती नगर का 319 किलो का जू सुभाष मार्ग के कारोबारी सीताराम सचिन कुमार की 2598 किलो हल्दी सीज की गई।

बीकेटी के सनातन कोल्ड स्टोरेज में रखा सुभाष मार्ग के कारोबारी रमपतमल अजय कुमार की 286.5 किलो किशमिश, सुभाष मार्ग के प्रीति ट्रेडर्स की 262.5 किलो किशमिश, हीरालाल लोकेश कुमार का 199 किलो काजू भी सीज किया गया है। टीम ने दोनों जगह से 14 नमूने लेकर जांच के लिए भी भेजे हैं। एफएसडीए के सहायक आयुक्त द्वितीय विजय प्रताप सिंह के अनुसार रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

काकोरी में ताले में बन रही मिठाइयां !
काकोरी मे हरदोई रोड पर बागो के बीच टीनशेड नुमा कारखाने में मिठाई बनती है। सुबह कारीगरों के आने के बाद कारखाने के दोनों गेटो में बाहर से ताला लगा दिया जाता है। कोई अंदर जाने का कितना भी प्रयास कर ले अंदर से जवाब मिलता है कि मलिक बाहर से ताला लगा कर चले गए हैं। और उनके लौटने पर ही खुलेगा।

कारखाने की चार दिवारी में बने एक झरोखे से देखने पर अंदर गंदगी के बीच मिठाइयां बनती नजर आई। सप्लाई के लिए परिसर में ही एक डाला भी खड़ा था। दीपावली से ठीक पहले ताले में मिठाई बनने पर सवाल उठना लाजिमी है। बिना खोवा बना रहे बर्फी, मिल्क केक।

कारखाने के पास से गुजर रहे एक शख्स ने बताया कि पहले वह यही काम करता था। उसने दावा किया कि कारखाने में खोवा बर्फी, मिल्क काजू, पिस्ता बर्फी, बनती है। तैयार माल को जिले के ग्रामीण इलाकों में छोटी-छोटी दुकानों के साथ ही आसपास के जिलों में सप्लाई किया जाता है। साथ ही खुलासा किया कि खोवा की जगह मिल्क पाउडर पामआयल और ज्यादा समय तक सुरक्षित रखने के लिए कुछ कैमिकल मिलाए जाते हैं।

लोगों से जानकारी पर पता चला कि दुबग्गा से लेकर काकोरी, माल और मलिहाबाद के कई घरों में चोरी छुपे मिठाई के कारखाने चल रहे हैं। कभी खुद भी अवैध रूप से मिठाई बनाने के खेल में शामिल रह चुके एक शख्स ने बताया कि मिल्क पाउडर में सूजी और मैदा मिलाकर मिठाइयां बनाई जाती हैं महंगा होने के साथ ही शुद्ध खोवा नहीं मिल पाता है ऐसे में मिल्क पाउडर का इस्तेमाल किया जाता है और खराब होने से बचने के लिए कुछ सस्ते केमिकल भी मिले जाते हैं

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