प्रयागराज. संगम की धरती पर 13 जनवरी 2025 से आयोजित होने जा रहे विश्व के सबसे बड़े धार्मिक और आध्यात्मिक मेले महाकुंभ (Mahakumbh 2025) को लेकर लेकर भारतीय रेलवे भी अपनी तैयारियों में जुटा है। रेलवे ने महाकुंभ के दौरान जहां 900 से ज्यादा ट्रेनें चलाने की तैयारी की है। रेलवे एआई तकनीक के जरिए क्राउड मैनेजमेंट भी करेगी। रेलवे क्राउड मैनेजमेंट और डिजास्टर को लेकर अलर्ट है। रेलवे ने पहली बार महाकुंभ में टोल फ्री नंबर 18004 199139 जारी किया है।
1 नवंबर 2024 से एक्टिवेट हो जाएगा टोल फ्री नंबर
नार्थ सेंट्रल रेलवे के प्रयागराज मंडल के डीआरएम हिमांशु बडोनी के मुताबिक यह टोल फ्री नंबर 1 नवंबर 2024 से एक्टिवेट हो जाएगा। इसके बाद देश के किसी कोने में बैठे व्यक्ति को इस टोल फ्री नंबर पर महाकुंभ में आने और जाने के लिए ट्रेनों के संबंध हर जानकारी हासिल मिलेगी। महाकुंभ के दौरान तीनों जोन नॉर्थ सेंट्रल रेलवे, उत्तर रेलवे और पूर्वोत्तर रेलवे के अंतर्गत आने वाले 9 स्टेशनों से ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। इन सभी स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं का इजाफा किया गया है।
बुजुर्ग, दिव्यांगों के लिए बैटरी चालित कारें व व्हीलचेयर का इंतजाम
प्रयागराज मंडल के डीआरएम हिमांशु बडोनी के मुताबिक, सभी स्टेशनों पर वेटिंग रूम और वेटिंग हॉल, प्रयागराज जंक्शन स्टेशन पर स्लीपिंग पाड्स और अन्य स्टेशनों पर रिटायरिंग रूम डॉरमेट्री और एग्जीक्यूटिव लाउंड की व्यवस्था की गई है। बुजुर्ग और दिव्यांगों के लिए बैटरी चालित कारें और व्हीलचेयर का इंतजाम किया गया है। रेलवे स्टेशन के बाहर सार्वजनिक परिवहन और खान-पान की सुविधा के लिए काउंटर भी इंतजाम किया गया है।
22 भाषाओं में अनाउंसमेंट की व्यवस्था
डीआरएम के मुताबिक, प्राथमिक चिकित्सा बूथ, पर्यटक बूथ और प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र 20 स्टेशनों पर खोले जा रहे हैं। यात्री सुविधा केंद्रों में यात्रियों को ट्रेनों से संबंधित जानकारी और टिकट की व्यवस्था रहेगी। पहली बार सॉफ्टवेयर के जरिए 22 भाषाओं में अनाउंसमेंट की व्यवस्था की गई है। इसके तहत ट्रेनों की जानकारी 22 अलग-अलग भाषाओं में श्रद्धालुओं को मिलेगी।
डीआरएम के मुताबिक , यात्रियों को उड़िया, पंजाबी, राजस्थानी, कन्नड़, तेलुगू, मलयालम और अंग्रेजी समेत 22 भारतीय भाषाओं में ट्रेनों के संबंध में अनाउंसमेंट के जरिए जानकारी मिलेगी। यात्रियों और श्रद्धालुओं के लिए स्टेशनों पर क्लाक रूम भी खोले जाएंगे। रेलवे बोर्ड की ओर से कुल 174 अतिरिक्त रैक प्रयागराज मंडल को मिले हैं, जिससे मेला स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जाएगा।
प्रतिदिन 140 रेगुलर ट्रेनें महाकुंभ के दौरान चलेंगी
उनके मुताबिक पहली बार मेमू ट्रेनों का भी शेड्यूल तय कर दिया गया है। उनके मुताबिक करीब 100 नॉर्मल कन्वेंशनल रैक और वाली ट्रेनें होगी, जबकि करीब 74 ट्रेनें मेमू ट्रेनों का संचालन अलग-अलग स्टेशनों से अलग-अलग दिशाओं में जाने के लिए किया जाएगा। डीआरएम के मुताबिक प्रतिदिन 140 रेगुलर ट्रेनें महाकुंभ के दौरान चलेंगी। महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालु बड़ी संख्या में प्रयागराज से अयोध्या और वाराणसी भी जाएंगे, इसलिए दोनों डायरेक्शन में मेमू ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। ये ट्रेनें एक सर्किट के रूप में चलेंगी. महाकुंभ में भी पहली बार सर्किट के रूप में इस तरह से ट्रेनों का संचालन किया जाएगा।
1 घंटे में 50000 यात्रियों को ट्रेनों से भेजे जाने की क्षमता
एक घंटे में 50 हजार यात्रियों को ट्रेनों से भेजे जाने की क्षमता विकसित की गई है जबकि रेलवे के होल्डिंग एरिया में एक लाख से ज्यादा लोगों को रोका जा सकता है। रेलवे की ओर से यात्रियों को टिकट आसानी से सुलभ हो इसके लिए भी कई कदम उठाए जा रहे हैं। डीआरएम का दावा है कि 80 हजार टिकट प्रति घंटे बेचने की क्षमता विकसित की गई है। एनसीआर के रेलवे स्टेशनों पर 278 टिकट काउंटर बनेंगे।
उत्तर रेलवे में 113 व पूर्वोत्तर रेलवे में 158 रेलवे टिकट काउंटर खोले जाएंगे
उत्तर रेलवे में 113 और पूर्वोत्तर रेलवे में 158 रेलवे टिकट काउंटर खोले जाएंगे। इसके अलावा रेलवे के वॉलिंटियर्स कुंभ क्षेत्र में रेलवे आश्रय स्थलों और ट्रेनों में भी यात्रियों को टिकट मुहैया कराएंगे। यात्रियों को असुविधा न हो इसके लिए अलग-अलग दिशाओं के लिए अलग-अलग कलर कोडिंग की जाएगी, जिसका अनाउंसमेंट भी लगातार किया जाता रहेगा। श्रद्धालु इस कलर कोडिंग के आधार पर आश्रय स्थलों से अपनी ट्रेनों तक पहुंचे सकेंगे।
8 हज़ार रेलवे कर्मचारियों को बुलाया जाएगा
महाकुंभ के मद्देनजर 21 रेलवे ओवरब्रिज और रेलवे अंडर ब्रिज बनाए जा रहे हैं। महाकुंभ के दौरान अलग-अलग डिवीजन से 8 हज़ार रेलवे कर्मचारियों को बुलाया जाएगा, जिसमें 4000 से ज्यादा आरपीएफ के जवान और अधिकारी शामिल होंगे। इसके अलावा रेलवे के विभिन्न विभागों कमर्शियल, ऑपरेटिंग और टेक्निकल विभाग के कर्मचारी शामिल रहेंगे।
महाकुंभ के दौरान 900 स्पेशल ट्रेन चलाने की तैयारी
एनसीआर के चार बड़े रेलवे स्टेशन पर मेला कंट्रोल रूम बनाया जाएगा जबकि 23 फर्स्ट एड बूथ बनाए जाएंगे. डीआरएम हिमांशु बडोनी के मुताबिक रेलवे ने महाकुंभ के दौरान 900 स्पेशल ट्रेन चलाने की तैयारी की है लेकिन रेलवे ने इस तरह से तैयारी की है कि यात्रियों की भीड़ के मुताबिक ट्रेनों की संख्या और भी बढ़ाई जा सकती है।