हरदोई: परिषदीय स्कूल में कार्यरत एक शिक्षक के दिव्यांग प्रमाण पत्र की जाँच करने में सीएमओ द्वारा कोताही बरती जा रही है, डीएम व बीएसए द्वारा मामले को गंभीरता से लिया गया और अब तक तीन पर पत्र लिखकर सीएमओ से दिव्यांग प्रमाण पत्र की जाँच कराये जाने को कहा जा चुका है पर सीएमओ ने मामले को नजरअंदाज कर दिया।
शिकायतकर्ता गजेंद्र सिँह चौहान ने डीएम को प्रेषित पत्र में बताया कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की जांच अपने कार्यालय से पत्रांक संख्या बेसिक /11472-75/2024-25 दिनांक 03.10.2024 तथा पत्र बी०ई०ओ०/693/2024-25 दिनांक 27.01.2025 के माध्यम से मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र जारी किए गये उसके बावजूद मुख्य चिकित्सा अधिकारी हरदोई ने उक्त शिक्षक की जांच कमेटी बनाकर जांच नहीं करायी गई, जो कि यह एक गम्भीर अपराधिक कृत्य है। उन्होंने मांग की है कि उच्चस्तरीय कमेटी बनाकर अन्य किसी मेडिकल कालेज से उक्त शिक्षक के दिव्यांग प्रमाण पत्र की जांच कराई जाये। शिकायत कर्ता का कहना है कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी की संलिप्तता प्रतीत होती है तभी लगातार 6 माह से जांच को मुख्य चिकित्सा अधिकारी लाखों रूपया लेकर दबा रहे है।
जिलाधिकारी व जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के आदेश को मुख्य चिकित्सा अधिकारी नकार रहे हैं। जबकि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय से तीन बार रिमाइण्डर भेजा जा चुका है। इससे यह प्रतीत होता है कि प्रशांत अग्निहोत्री व मुख्य चिकित्सा अधिकारी मिले हुए हैं तभी कोई जांच नही करा रहे हैं। आज पुनः डीएम को प्रेषित शिकायत में कहा गया है कि शिक्षक प्रशांत अग्निहोत्री सं०वि० रहतौरा वि०ख० भरखनी का तत्काल प्रभाव से वेतन रोका जाये। उसकी विकलांगता का सत्यापन कराया जाये, यदि जिले स्तर के अधिकारी रूचि नहीं लेते हैं तो माननीय उच्च न्यायालय मे वाद योजित किया जायेगा।