हरदोई: लकड़कट्टों के कारनामों को उजागर करने वाले पत्रकारों पर साजिश के तहत एफआईआर 

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बेनीगंज/हरदोई: प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा भूमाफिया,खनन माफिया,लकड़ी माफियाओं के खिलाफ लगातार अभियान चलाकर कार्यवाही करने के लिए अपने अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रतिदिन कड़े निर्देश दिए जा रहे हैं ताकि प्रदेश में अमन व शान्ति कायम हो सके लेकिन पुलिस व प्रशासन द्वारा मुख्यमंत्री के निर्देशो का अनुपालन सही ढंग से नहीं किया जा रहा है।

परिणामस्वरूप पूरे जनपद में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे, रात-दिन खनन पूरे जिले में हरे वृक्षों पर धड़ाधड़ चल रही कुल्हाड़ी जैसे आपराधिक कृत्य होते देखे जा सकते हैं। इन दुष्कर्त्यो को लेकर कोई जागरूक नागरिक या पत्रकार आवाज बुलंद करने का प्रयास करें तो उसके विरुद्ध यह माफिया पुलिस व प्रशासन से गठजोड़ कर फर्जी मुकदमे में फंसाने का षणयन्त्र करने लगते हैं। ऐसे में कोई भला आदमी देख-सुन कर भी इन आपराधिक कृत्यों के खिलाफ नहीं बोलता।

ऐसा ही एक ताजा मामला हरदोई जनपद की कोतवाली बेनीगंज क्षेत्र से प्रकाश में आया है। इस क्षेत्र में धरती से हरियाली को मिटाने के लिये लकड़कट्टे रात दिन एक किये हुए थे। लेकिन कछौना रेंज में तेजतर्रार कर्तव्य परायण रेंजर विनय कुमार सिंह की तैनाती के बाद इन लकड़कट्टों को दिक्कत आने लगी। गत माह 23 सितंबर को काकूपुर गांव में पेड़ काटने की सूचना पर वन क्षेत्राधिकारी ने छापा मारकर कार्यवाही करते हुए लकड़ी माफिया अजय प्रताप उर्फ डब्लू सिंह के पुत्र विक्रम सिंह समेत कई लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया। रेंजर की कड़ी कार्यवाही से लकड़कट्टों में हड़कंप मच गया।

रेंजर द्वारा की गयी कार्यवाही की खबर स्थानीय पत्रकार पुनीत मिश्रा, राजीव रंजन त्रिपाठी व प्रदीप वैश्य ने अपने अपने समाचार पत्रों में प्रमुखता से प्रकाशित की। खबर प्रकाशन के कारण बात जन जन में पहुंची जिसके चलते लकड़कट्टे नाराज हो गये। नाराज लकड़कट्टों ने बैठक कर इन पत्रकारों को सबक सिखाने की नीयत से फर्जी मुकदमे में फंसाने की साज़िश रचनी शुरू कर दी।

ट्रैक्टर भर कर अवैध लकड़ी ले जाते हुए

साजिश के क्रम में सबसे पहले क्षेत्र की एक समाजसेवी महिला से मिलकर पैसे का प्रलोभन देकर कहा कि उक्त पत्रकारों पर छेड़छाड़ बलात्कार का मुकदमा लिखवा दो लेकिन उस महिला द्वारा मना कर दिया गया। जब इसमें सफलता नहीं मिली तो इन लोगो ने दूरभाष के माध्यम से पुनीत मिश्रा से साजिश के तहत लेन-देन की बात कर काल रिकार्डिंग कर ली। काल रिकार्डिंग करने वाला दलित लकड़कट्टा अशोक उर्फ सन्तोष प्रतिदिन पत्रकार पुनीत मिश्रा के साथ बैठता था। जिनकी आपसी दोस्ती भी थी। पर दोस्ती को ताक पर रखकर उसने साजिश के तहत काल रिकार्ड कर ली।

तत्पश्चात उसने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर अवैध वसूली व दलित उत्पीडन का आरोप लगाकर कार्यवाही की मांग की। तत्कालीन बेनीगंज कोतवाल रहे राजदेव मिश्रा ने आरोपों की जांच करायी तो मामला फर्जी पाया गया। उन्होंने मुकदमा दर्ज करने से मना कर दिया। लेकिन इन माफियाओं को चैन कहां आने वाला था। इन लोगो ने भारतीय किसान यूनियन लोकतांत्रिक के जिलाध्यक्ष वीर प्रकाश वीरू से मुलाकात कर मदद मांगी चूंकि क्षेत्र में खनन व लकड़ी कटान में इस किसान नेता का भी कमीशन तय रहता था। ऐसे में इस किसान नेता ने तत्काल दबाव बनाने के लिए एसडीएम संडीला को दिनांक 04=10=2023 को एक पत्र लिखकर मुकदमा दर्ज कराने की मांग की।

कार्यवाही न होने की स्थिति में बेनीगंज कोतवाली में धरना प्रदर्शन की धमकी दी। इधर अपने विरुद्ध साजिश बढ़ते देख उक्त पत्रकारों ने मुख्यमंत्री, पुलिस अधीक्षक, समेत तमाम उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई। जिस पर पुलिस ने जांच कर मामले को पेशबंदी दिखाकर निस्तारित दिखाया गया। इधर शासन ने तत्कालीन पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी को स्थानांतरित कर केशव चन्द्र गोस्वामी को हरदोई का पुलिस अधीक्षक बनाया। उन्होंने बेनीगंज कोतवाली से राजदेव मिश्रा को हटाकर उमाकांत दीपक को कोतवाल बनाया। नये कोतवाल के आते ही यह माफिया फिर सक्रिय हो गए। परिणामस्वरूप चार्ज लेने के तुरंत बाद नये कोतवाल ने पत्रकारों पर पहला फर्जी मुकदमा 0499/23 धारा 384,352,505,504, आईपीसी व एससी एसटी एक्ट की धारा 3(2)व 3(1)घ दर्ज कर अपने कार्य का शुभारंभ किया। जबकि मामला पुलिस अधीक्षक से लेकर पुलिस उपाधीक्षक व सभी पुलिस के लोगों के संज्ञान में था।

मुकदमा दर्ज होने के बाद से जहां खनन माफिया व लकड़कट्टों में खुशी की लहर है वहीं क्षेत्र में लोगों के अन्दर इस फर्जी व साजिशन की गयी कार्यवाही से रोष व्याप्त है। ऐसे में उत्तर प्रदेश में तथाकथित रामराज्य में सच बोलने व लिखने वालों पर पुलिस व माफिया इस तरह से हावी होंगे तो आमजन की आवाज कैसे बाहर आयेगी। कैसे आमजन का हित सम्भव हो पायेगा। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व उनके प्रतिनिधि विधायक, मंत्री व उनके अन्य नेताओं को गम्भीरता से विचार करना होगा। अन्यथा की स्थिति में इन माफियाओं और पुलिस का सिटीकेट जमीन से सब कुछ मिटाकर ही चैन लेगा।

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