हरदोई में राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से कुल 2,83,084 मामलों का हुआ निस्तारण

Saeed Ahmed
Saeed Ahmed Hardoi 3 Min Read
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हरदोई: अपर जिला जज/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरदोई भूपेन्द्र प्रताप ने बताया कि माननीय जनपद न्यायाधीश/ अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण संजीव शुक्ला द्वारा दिनांक 10 मई 2025 दिन शनिवार को प्रातः 10:30 बजे राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर माननीय प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय महेन्द्र नाथ, माननीय मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण राजेश कुमार सिंह, अपर जिला जज प्रीती श्रीवास्तव, नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत अपर जिला जज यशपाल, समस्त न्यायिक अधिकारी, लीगल एड डिफेंस काउंसिल व बैंक अधिकारी उपस्थित रहे।

राष्ट्रीय लोक अदालत में न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओ, विभिन्न बैंकों, बीमा कंपनियों के अधिकारियों ने प्रतिभाग किया एवं वादों का निस्तारण कराया। नोडल अधिकारी/अपर जिला जज यशपाल ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से विभिन्न न्यायालयों द्वारा 13500 वादों का निस्तारण किया गया।

राष्ट्रीय लोक अदालत में उत्तराधिकार प्रकृति के 9 वाद, मोटर दुर्घटना प्रतिकर के 21 वाद, पारिवारिक मामलों के 31 जिसमे 08 दंपति साथ-साथ जीवन-यापन हेतु सहमत हुऐ वाद,स्थाई लोक अदालत के 04, फौजदारी के 13408 वाद, विभिन्न प्रकृति के 36 एवं जिला प्रशासन द्वारा 6424 वादों का निस्तारण आपसी सुलह समझौते व अभिस्वीकृति के आधार पर किया गया।

मोटर दुर्घटना वादों में 11,95,0000/- रुपये की धनराशि प्रतिकर के रूप में पीड़ित पक्षकारों को दिलवाई गई। ई-डिस्ट्रिक पोर्टल के माध्यम से जिला प्रशासन के विभागों द्वारा 2,59,111 मामलों का निस्तारण किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव/अपर जिला जज भूपेन्द्र प्रताप ने बताया कि लोक अदालत के आयोजन में जनपद न्यायालय परिसर में बैंकों के कैम्प लगाए गए, जिसमें विभिन्न बैंकों ने बैंक ऋण से संबंधित 1126 वादों का निस्तारण किया एवं कुल ऋण धनराशि 10,34,03,000/- रुपये का समझौता किया गया व भारत संचार निगम द्वारा 4 वादों का तथा यातायात निरीक्षक द्वारा 2919 ई-चालान का निस्तारण किया गया।
प्राधिकरण सचिव ने अवगत कराया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 2,83,084 वादों का निस्तारण किया गया तथा समझौता धनराशि 12,94,40,895/- रुपये रही।
राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने में समस्त न्यायिक अधिकारियों, बैंक-बीमा कंपनी तथा जिला प्रशासन व अधिवक्ताओ का योगदान रहा।

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